Last Updated Jun - 13 - 2026, 01:19 PM | Source : Fela News
Top Mango Importers of India: भारत के आमों की विदेशों में जबरदस्त मांग है। UAE सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, लेकिन लंदन, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप के कई देशों में भी भारतीय आमों का स्वाद लोगों को खूब लुभा रहा है।
Top Mango Importers from India: भारत को आम का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा। आम न सिर्फ भारत का राष्ट्रीय फल है, बल्कि इसे ‘फलों का राजा’ भी माना जाता है। दुनिया में आम की 1,500 से अधिक किस्में पाई जाती हैं, लेकिन इनमें से 1,000 से ज्यादा किस्में अकेले भारत में उगाई जाती हैं। मलिहाबाद का दशहरी, रत्नागिरी का अल्फांसो, लंगड़ा, चौसा और केसर जैसे भारतीय आमों का स्वाद दुनियाभर के लोगों को दीवाना बना चुका है।
भारत आम उत्पादन के मामले में दुनिया का नंबर-1 देश है। हालांकि, 1,000 से ज्यादा किस्मों में से केवल करीब 30 किस्मों की ही बड़े पैमाने पर व्यावसायिक खेती की जाती है, जिन्हें घरेलू बाजारों के साथ-साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।
जापान और नेपाल ने लगाई रोक, फिर भी कम नहीं हुई मांग
हाल ही में जापान ने भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसकी वजह भारत के कुछ ट्रीटमेंट सेंटरों में पेस्ट कंट्रोल प्रक्रिया में पाई गई खामियां थीं। पिछले करीब 20 वर्षों में यह पहला मौका था जब जापान ने भारतीय आमों पर ऐसी रोक लगाई।
जापान से पहले नेपाल ने भी भारतीय आमों की एक खेप में कीटनाशकों की अधिक मात्रा मिलने के बाद आयात पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि इन घटनाओं के बावजूद भारतीय आमों की वैश्विक मांग में कोई खास कमी नहीं आई है।
दुनिया के किन देशों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं भारतीय आम?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीय आमों का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। इसके अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, सऊदी अरब, कनाडा और कतर जैसे देशों में भी भारतीय आमों की भारी मांग है।
| देश | प्रमुख आयातित भारतीय आम की किस्में | एक्सपोर्ट शेयर | भारत को मिलने वाली राशि |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली, तोतापुरी | 31.16% | 16.28 मिलियन डॉलर |
| ब्रिटेन | अल्फांसो, केसर, लंगड़ा | 19.27% | 3.25 मिलियन डॉलर |
| अमेरिका | अल्फांसो, केसर, दशहरी | 17.72% | 0.57 मिलियन डॉलर |
| कुवैत | अल्फांसो, तोतापुरी, सफेदा | 4.65% | 0.84 मिलियन डॉलर |
| कनाडा | अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली | 4.19% | 0.20 मिलियन डॉलर |
| सऊदी अरब | तोतापुरी, अल्फांसो, लंगड़ा | 3.50% | 1.20 मिलियन डॉलर |
| कतर | अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली | 2.90% | 0.88 मिलियन डॉलर |
| नेपाल | दशहरी, लंगड़ा, चौसा | 2.10% | 0.60 मिलियन डॉलर |
| सिंगापुर | अल्फांसो, केसर, बादामी | 1.80% | 0.41 मिलियन डॉलर |
| ओमान | बंगनपल्ली, तोतापुरी | 1.10% | 0.30 मिलियन डॉलर |
भारतीय आमों की मिठास का दुनिया में जलवा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आमों का अनोखा स्वाद, खुशबू और विविधता ही उन्हें वैश्विक बाजार में खास बनाती है। UAE से लेकर लंदन, न्यूयॉर्क और रियाद तक भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत का आम निर्यात हर साल करोड़ों डॉलर की कमाई कर रहा है।
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