Last Updated Mar - 20 - 2026, 06:02 PM | Source : Fela News
Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है, जिससे हर ऑर्डर महंगा हो गया है। पहले ग्राहकों से कितने रुपये लिए जाते थे और अब हर ऑर्डर पर कितना अतिरिक्त चार्ज देना होगा, आइए जानें पूरी जानकारी।
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने ग्राहकों के लिए एक बड़ा अपडेट किया है। अब हर ऑर्डर पर आपको पहले से ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस चुकानी होगी। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में 2.40 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है, जो हर ऑर्डर पर लागू होगी। इसका मतलब है कि चाहे आप दिन में एक बार खाना ऑर्डर करें या दस बार, हर बार आपको ज्यादा पैसे देने होंगे।
प्लेटफॉर्म फीस में कितना बदलाव?
GST लागू होने से पहले, हर ऑर्डर के लिए Zomato ग्राहकों से 12.50 रुपए चार्ज करता था। अब इसे बढ़ाकर 14.90 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी सितंबर 2025 में हुई पिछली बढ़ोतरी के बाद की गई है। बता दें कि Zomato की प्रमुख प्रतियोगी Swiggy पहले से ही हर ऑर्डर पर 14.99 रुपए की प्लेटफॉर्म फीस ले रही है। दोनों कंपनियां अब एक समान प्राइसिंग ट्रेंड को फॉलो कर रही हैं।
Rapido का नया कदम
इस बीच, फूड डिलीवरी मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ता जा रहा है। अर्बन मोबिलिटी स्टार्टअप Rapido ने हाल ही में बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस “Only” लॉन्च की है। Rapido ने साफ किया है कि डिलीवरी फीस के अलावा कस्टमर या रेस्टोरेंट से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। इस कदम से मौजूदा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि ग्राहक अब ऑर्डर फीस में बढ़ोतरी और एक्स्ट्रा चार्ज को लेकर सतर्क हो गए हैं।
यूजर्स पर असर
फीस बढ़ोतरी का असर खासकर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो रोजाना या नियमित रूप से फूड ऑर्डर करते हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी डिलीवरी ऑपरेशन की लागत बढ़ा दी है, जिससे रेस्टोरेंट और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों पर दबाव है। Zomato और Swiggy जैसी कंपनियों के लिए यह बदलाव आवश्यक था, लेकिन इसका सीधा असर ग्राहक की जेब पर पड़ रहा है।
क्या है कस्टमर्स के लिए विकल्प?
फूड डिलीवरी मार्केट में नए विकल्प आने से यूजर्स को फायदा हो सकता है। Rapido जैसी सर्विस कम फीस और बिना एक्स्ट्रा चार्ज के विकल्प दे रही हैं। इससे मौजूदा कंपनियों को अपने प्राइस स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ सकता है। ग्राहक अब अधिक सतर्क होकर प्लेटफॉर्म चुनेंगे, जो उन्हें फायदे और सस्ती डिलीवरी की सुविधा देगा।
इस बढ़ोतरी के साथ ही फूड ऑर्डर करने वाले यूजर्स को अब हर ऑर्डर पर थोड़ा ज्यादा भुगतान करने की तैयारी करनी होगी। वहीं, कंपनियों के लिए यह चुनौती है कि वे बढ़ती लागत और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाए रखें।