Last Updated Jan - 23 - 2026, 12:05 PM | Source : Fela News
Union Budget 2026 से पहले जानिए बजट स्पीच में इस्तेमाल होने वाले जरूरी आर्थिक शब्द, ताकि टैक्स, GDP और योजनाओं की बातें आसानी से समझ सकें।
हर साल जब केंद्रीय बजट पेश किया जाता है, तो आम लोगों की निगाहें टीवी स्क्रीन और अखबारों पर टिकी रहती हैं। लेकिन अक्सर बजट स्पीच सुनते समय ऐसा लगता है कि बातें तो अहम हैं, मगर शब्द समझ में नहीं आ रहे। वजह साफ है— बजट में कई ऐसे आर्थिक और तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल होता है, जिनका मतलब आम भाषा में समझना थोड़ा मुश्किल होता है। Union Budget 2026 भी 1 फरवरी को पेश किया जाएगा और अगर आप इसे सही मायनों में समझना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी शब्दों का मतलब पहले से जानना बेहद काम का साबित होगा ।
सबसे पहले बात करते हैं Direct Tax की। डायरेक्ट टैक्स वह कर होता है, जो नागरिक सीधे सरकार को देते हैं। यह टैक्स व्यक्ति या कंपनी की आय पर लगाया जाता है। इसमें इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स और पहले लागू रहा वेल्थ टैक्स शामिल होते हैं। इसे डायरेक्ट इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका बोझ किसी और पर नहीं डाला जा सकता।
इसके उलट होता है Indirect Tax। यह टैक्स किसी प्रोडक्ट या सर्विस पर लगाया जाता है। जब आप कोई सामान खरीदते हैं या किसी सेवा का इस्तेमाल करते हैं, तो टैक्स आप देते हैं, लेकिन सरकार को यह टैक्स विक्रेता या सर्विस प्रोवाइडर के जरिए मिलता है। जीएसटी, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क इसी श्रेणी में आते हैं।
बजट में अक्सर Financial Year का जिक्र होता है। इसे वित्त वर्ष कहा जाता है। भारत में वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलता है। सरकार इसी अवधि के आधार पर आय, खर्च और योजनाओं का हिसाब-किताब करती है।
एक बेहद अहम शब्द है GDP (Gross Domestic Product)। GDP किसी एक साल में देश के भीतर बनने वाले सभी सामान और दी गई सेवाओं की कुल आर्थिक वैल्यू को दर्शाता है। आसान शब्दों में कहें तो यह देश की आर्थिक सेहत का पैमाना होता है। बजट में GDP ग्रोथ का जिक्र इसलिए अहम होता है क्योंकि इससे यह पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है।
Finance Bill भी बजट का एक जरूरी हिस्सा होता है। वित्त विधेयक में सरकार नए टैक्स प्रस्ताव, टैक्स स्लैब में बदलाव और कर से जुड़े नियमों को शामिल करती है। बजट भाषण के बाद इसी बिल को संसद में पास कराया जाता है, ताकि टैक्स से जुड़े बदलाव लागू हो सकें।
इसके अलावा बजट में अक्सर Fiscal Deficit, Capital Expenditure, Revenue Receipt जैसे शब्द भी सुनने को मिलते हैं, जो सरकार की आमदनी और खर्च से जुड़े होते हैं।
कुल मिलाकर, अगर इन बुनियादी शब्दों का मतलब आपको पता हो, तो बजट स्पीच न सिर्फ समझ में आएगी, बल्कि आप यह भी आंकलन कर पाएंगे कि सरकार की नीतियां आपकी जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डाल सकती हैं। बजट से पहले थोड़ी तैयारी आपको पूरे साल की आर्थिक तस्वीर समझा सकती है।
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