Last Updated Nov - 20 - 2025, 04:39 PM | Source : Fela News
IPO की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों में चिंता बढ़ा दी है। लिस्टिंग से पहले ही सुस्ती दिखना बाज़ार के रुझानों, वैल्यूएशन और निवेशकों के भरोसे में छिपे किसी बड़े संके
जिस भरोसे के साथ निवेशकों ने इस IPO में पैसा लगाया, वही भरोसा दो ही दिनों में बुरी तरह हिल गया। लिस्टिंग के बाद शेयर में लगातार गिरावट ने हालात ऐसी बना दी कि लगभग 8600 करोड़ रुपये डूबते-से दिखे और कंपनी का स्टॉक करीब 19% लुढ़क गया। कई छोटे निवेशक तो समझ ही नहीं पा रहे कि यह अचानक की चोट बाजार की चाल थी या किसी और गहरी आशंका का संकेत।
शुरू में उम्मीदें थीं कि कंपनी की तेज़ ग्रोथ और लोकप्रियता शेयर को सहारा देगी, लेकिन लिस्टिंग के बाद जिस तरह से बिकवाली बढ़ी, उससे साफ हो गया कि बड़े खिलाड़ियों ने मुनाफा निकालने का मौका नहीं छोड़ा। कई विश्लेषक अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या वैल्यूएशन पहले से ही ज़्यादा बांध दिया गया था या फिर IPO का हाइप ही अपनी ही gravity के नीचे दब गया।
निवेशकों में अब सबसे बड़ा डर यही है कि गिरावट का ये दौर कहीं और लंबा न खिंच जाए। कुछ लोगों ने तो इसे “कच्चे निवेशकों की पहली असल सीख” भी कहा है, कि हर चमकती लिस्टिंग सोना नहीं होती और IPO का जोश कई बार जोखिम को ढक देता है।
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