Last Updated Nov - 29 - 2025, 10:22 AM | Source : Fela News
Credit Card Fraud: RBI का कहना है कि क्रेडिट कार्ड फ्रॉड की स्थिति में ग्राहकों को पूरा सुरक्षा कवच मिल सकता है, लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि वे समय पर धोखाधड़ी
Credit Card Fraud: डिजिटल पेमेंट बढ़ने और ऑनलाइन अप्रूवल आसानी से मिलने के कारण लोग क्रेडिट कार्ड पर पहले से ज्यादा निर्भर हो गए हैं. इसी वजह से डिजिटल फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अगर आपके साथ क्रेडिट कार्ड फ्रॉड हो जाए या आपको किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन का शक हो, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है. सही समय पर उठाए गए कदम आपके पैसे बचा सकते हैं.
RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) के मुताबिक, समय पर फ्रॉड की रिपोर्ट करने और जरूरी शर्तें पूरी करने पर कस्टमर को पूरी सुरक्षा मिल सकती है. आपकी मदद के लिए यहां एक आसान गाइड दी गई है, जिसे फॉलो करके आप क्रेडिट कार्ड फ्रॉड की स्थिति में अपने पैसे सुरक्षित रख सकते हैं.
1. तुरंत अपना कार्ड ब्लॉक करें
सबसे पहला कदम है—नुकसान होने से रोकना. जैसे ही कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे, तुरंत अपना कार्ड ब्लॉक कर दें. आप इसे मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या 24×7 कस्टमर केयर नंबर से आसानी से कर सकते हैं. इसी वजह से अपने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को समय-समय पर चेक करना जरूरी है.
2. बैंक को तुरंत जानकारी दें
फ्रॉड ट्रांजैक्शन दिखते ही अपने बैंक को इसका नोटिस दें. बैंक आमतौर पर आपको एक डिस्प्यूट फॉर्म भरने को कहते हैं, जिसमें ट्रांजैक्शन की तारीख, राशि, ID और एक लिखित स्टेटमेंट शामिल होता है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि आपने यह पेमेंट अप्रूव नहीं किया. बैंक की जांच शुरू करने के लिए यह जरूरी कदम है.
अपने केस को मजबूत करने के लिए बैंक के कस्टमर केयर, RBI के Complaint Management System पर शिकायत दर्ज करें. साथ ही नज़दीकी पुलिस स्टेशन में FIR कराना भी मददगार होता है.
3. सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
फ्रॉड से जुड़ी हर जानकारी संभालकर रखें—SMS अलर्ट, FIR कॉपी, ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और बैंक के साथ एक्सचेंज किए गए ईमेल. ये डॉक्यूमेंट बैंक के नियमों और RBI की गाइडलाइन्स के आधार पर आपका केस मजबूत बनाते हैं.
4. लगातार फॉलो-अप करें
सभी डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद बैंक से फॉलो-अप लेते रहें. चार्जबैक की टाइमलाइन पर नज़र रखें और देखें कि अमाउंट रिवर्स हुआ या नहीं. अपने आगे के स्टेटमेंट्स को भी ध्यान से चेक करते रहें. आमतौर पर बैंक 7 से 45 दिनों के भीतर जांच पूरी कर लेते हैं.
शिकायत दर्ज कराने से रिफंड की गारंटी नहीं मिलती, लेकिन सही समय पर की गई कार्रवाई से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड किसी के साथ भी हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना और बेसिक सिक्योरिटी प्रैक्टिस फॉलो करना बेहद जरूरी है.
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