Last Updated Mar - 31 - 2026, 11:47 AM | Source : Fela News
LPG, CNG, PNG rates today: देशभर में लोग ईंधन की कीमतों में हो रहे लगातार बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशियाई देशों पर काफी हद तक निर्भर है.
LPG, CNG, PNG rates today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर साफ दिखने लगा है. इसके चलते भारत में LPG, CNG और PNG की कीमतों और उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. देशभर में लोग ईंधन के दामों में हो रहे लगातार बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर पश्चिम एशियाई देशों पर निर्भर है.
भारत अपनी जरूरत का 40% से ज्यादा कच्चा तेल और करीब 90% LPG आयात करता है, जिसमें Saudi Arabia और Qatar जैसे देश शामिल हैं. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि LPG की सप्लाई फिलहाल स्थिर है और देश में कहीं भी कमी की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है.
14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत (31 मार्च)
| शहर | कीमत (रुपये) |
| दिल्ली | 913 |
| कोलकाता | 939 |
| मुंबई | 912.50 |
| चेन्नई | 928.50 |
| बेंगलुरु | 915.50 |
| हैदराबाद | 965 |
19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत
| शहर | कीमत (रुपये) |
| दिल्ली | 1,884.50 |
| कोलकाता | 1,988.50 |
| मुंबई | 1,836.50 |
| चेन्नई | 2,043.50 |
| बेंगलुरु | 1,958 |
| हैदराबाद | 2,105.50 |
CNG की कीमत (प्रति किलो)
| शहर | कीमत (रुपये) |
| दिल्ली | 77.09 |
| कोलकाता | 93.50 |
| मुंबई | 80.50 |
| चेन्नई | 91.50 |
| बेंगलुरु | 88.95 |
| हैदराबाद | 97 |
सरकार ने बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाए हैं. केंद्र सरकार ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन के अस्थायी वितरण की अनुमति दी है. इसमें वे इलाके भी शामिल हैं जिन्हें पहले “केरोसिन-मुक्त” घोषित किया जा चुका था.
LPG की सप्लाई में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण कई जगहों पर लोग ज्यादा खरीदारी करने लगे हैं, जिससे वितरण केंद्रों पर भीड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने 29 मार्च को अधिसूचना जारी की है. इसमें Petroleum Act, 1934 और Petroleum Rules, 2002 के तहत अस्थायी छूट दी गई है, ताकि केरोसिन की आपूर्ति आसान हो सके और लोगों को राहत मिल सके.
कुल मिलाकर, सरकार सप्लाई को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन वैश्विक हालात का असर ईंधन बाजार पर बना हुआ है.
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