Last Updated Jan - 29 - 2026, 04:04 PM | Source : Fela News
बजट से पहले शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। Sensex और Nifty दोनों में कमजोरी दिखी और कई प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली देखी
केंद्रीय बजट से ठीक पहले शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 600 अंकों तक टूट गया, जबकि Nifty भी महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसलता नजर आया। बाजार में आई इस अचानक कमजोरी से निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और ट्रेडिंग के दौरान सतर्कता का माहौल बना रहा।
सूत्रों के अनुसार बाजार में गिरावट का पहला बड़ा कारण वैश्विक संकेत माने जा रहे हैं। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी के असर से घरेलू बाजार पर भी दबाव बना। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। बताया जा रहा है कि डॉलर में मजबूती और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
इस बीच दूसरा अहम कारण बजट से जुड़ी अनिश्चितता को माना जा रहा है। निवेशकों के बीच यह आशंका बनी हुई है कि बजट में टैक्सेशन, सब्सिडी और खर्च से जुड़े फैसले बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या बजट में पूंजी बाजार को राहत देने वाले कदम उठाए जाएंगे या नहीं। इसी असमंजस के चलते कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
वहीं तीसरा कारण चुनिंदा सेक्टर्स में भारी बिकवाली रहा। आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के कई बड़े शेयर दबाव में दिखे। बताया जा रहा है कि प्राइवेट बैंकों और आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स पर सीधा असर पड़ा। कुछ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई कमजोर हुई।
वहीं दूसरी ओर, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बजट से पहले इस तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्थिति असामान्य नहीं है। प्रशासन का कहना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिये से फैसले लेने चाहिए। जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में बजट घोषणाओं के बाद बाजार की दिशा साफ हो सकती है, लेकिन फिलहाल अस्थिरता बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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