Last Updated Dec - 09 - 2025, 03:56 PM | Source : Fela News
दक्षिण भारत के शहर बन रहे नए प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट, कम कीमत, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते निवेश का आकर्षण।
दिल्ली-मुंबई की भीड़ से दूर अब दक्षिण भारत के कई शहर निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. रियल एस्टेट मार्केट में इन शहरों की मांग तेजी से बढ़ी है.
देश के बड़े मेट्रो शहरों में रियल एस्टेट काफी महंगा और भीड़भाड़ वाला हो चुका है. ऐसे में प्रॉपर्टी खरीदार और निवेशक अब उन जगहों की तलाश कर रहे हैं जहां कीमतें अपेक्षाकृत कम हों, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो और रोजगार के अच्छे अवसर मौजूद हों. यही वजह है कि दक्षिण भारत के कई शहर अचानक नए हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं।
बेंगलुरु पहले से ही IT इंडस्ट्री का केंद्र रहा है, लेकिन अब इसके आसपास के उपनगर तेज़ी से विकसित हो रहे हैं. यहां लगातार निवेश बढ़ रहा है, जिससे रियल एस्टेट की कीमतों में स्थिरता और भरोसा बना हुआ है. चेन्नई भी उसी रफ़्तार में बढ़ रहा है. उद्योग, पोर्ट शहर का महत्व और तेजी से बढ़ता IT कॉरिडोर इसे निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना रहा है।
हैदराबाद पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट का सबसे मजबूत खिलाड़ी बनकर सामने आया है. कम लागत, बड़े IT पार्क और सुरक्षित माहौल ने इसे नए खरीदारों के लिए बेहद आकर्षक बना दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यहां प्रॉपर्टी वैल्यू आने वाले समय में और बढ़ सकती है।
कोच्चि भी इस लिस्ट में शामिल हो चुका है. केरल का यह शहर पोर्ट और टूरिज्म हब होने के कारण तेजी से विकसित हो रहा है. मेट्रो, बेहतर कनेक्टिविटी और शांत माहौल इसे रहने और निवेश दोनों के हिसाब से अलग पहचान दे रहा है. इसके अलावा, कोयंबटूर को भी निवेशक तेजी से पसंद कर रहे हैं. टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और एजुकेशन हब होने के कारण यह शहर लगातार विस्तार कर रहा है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण भारत के इन शहरों में विकास की गति संतुलित और स्थिर है. यहां आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों में स्थिर बढ़ोतरी संभावित है।
दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में भीड़ और महंगाई से परेशान निवेशकों के लिए ये पांच शहर अब नए, भरोसेमंद और किफायती विकल्प बनते दिख रहे हैं।