Last Updated Apr - 27 - 2026, 03:05 PM | Source : Fela News
नोएडा के हजारों फंसे घर खरीदारों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद इस प्रोजेक्ट में करीब 100% बॉयर्स को निर्माणाधीन टावरों में शिफ्ट किया गया, जबकि बाहर निकलने वाले 40 खरीदारों को 10 करोड़ रुपये का रिफंड देकर सपनों का आशियाना पाने की राह आसान हुई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हजारों घर खरीदारों के लिए आखिरकार राहत की खबर आई है। वर्षों से अधूरे पड़े और एनसीएलटी में फंसे केवीडी विंड पार्क प्रोजेक्ट को अब नया जीवन मिल गया है। रियल एस्टेट कंपनी रीयारको प्राइवेट लिमिटेड ने इस परियोजना का सफल अधिग्रहण कर लिया है, जिसके बाद लंबे समय से इंतजार कर रहे खरीदारों को 2026 के अंत तक अपने सपनों का घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
SWAMIH फंड से मिली 195 करोड़ की ताकत
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी ने सरकार समर्थित SWAMIH फंड से 195.50 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है। इसी रकम के सहारे अब 5 टावरों में करीब 650 फ्लैट्स का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि 400 से ज्यादा पुराने खरीदारों को अगले साल के अंत तक कब्जा सौंप दिया जाएगा। अब इस प्रोजेक्ट को नए नाम ‘वायु विंड पार्क’ के तहत प्रमोट किया जा रहा है।
2012 में शुरू हुआ सपना, 2026 में होगा पूरा
यह परियोजना साल 2012-13 में लॉन्च हुई थी, लेकिन वित्तीय संकट और कानूनी उलझनों के कारण 2019 में मामला एनसीएलटी पहुंच गया। इसके बाद खरीदारों का पैसा तो फंस गया, लेकिन घर मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। जुलाई 2023 में रीयारको को अधिग्रहण मिला और अगस्त 2024 से दोबारा निर्माण शुरू कराया गया। अब कंपनी ने बकाया चुकाकर प्रोजेक्ट को पटरी पर ला दिया है।
करीब 100% खरीदारों को मिली राहत
सबसे बड़ी राहत घर खरीदारों को मिली है। कंपनी ने रिफंड और शिफ्टिंग मॉडल अपनाते हुए लगभग सभी पुराने खरीदारों को निर्माणाधीन टावरों में एडजस्ट कर दिया है। वहीं जो खरीदार इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहते थे, उनमें करीब 40 लोगों को कुल 10 करोड़ रुपये का रिफंड भी दिया गया है। इससे वर्षों से परेशान खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
अब मिलेगा लग्जरी सुविधाओं वाला आशियाना
कंपनी इस प्रोजेक्ट को सिर्फ पूरा ही नहीं कर रही, बल्कि इसमें कई नई सुविधाएं भी जोड़ रही है। टेरेस गार्डन, कैफे, इन्फिनिटी स्विमिंग पूल, बड़ा क्लब हाउस, वालेट पार्किंग और हाई सिक्योरिटी जैसी आधुनिक सुविधाएं यहां दी जाएंगी। 5 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में कुल 7 टावर और करीब 850 यूनिट्स हैं, जिनमें से ज्यादातर पर काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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