Last Updated Jun - 26 - 2025, 12:24 PM | Source : Fela News
ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली कंपनी Nvidia अब दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है. इसने एपल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट को धता बताते हुए ये मुकाम हासिल किया है.
नए AI युग में एनवीडिया ने अपनी कदर साबित करते हुए सबसे कीमती कंपनी बनकर वह मुकाम हासिल कर लिया है जहाँ माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल पहले से ही कड़ी टक्कर में थे। समर से सिर्फ एक दिन पहले इसकी मार्केट कैप 3.77 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ गई, जिसने तकनीक के सबसे बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
शेयर बाजार की चाल में बुधवार को एनवीडिया के शेयर लगभग 4 % चढ़कर 154.31 डॉलर पर बंद हुए, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। इस उछाल के साथ कंपनी का बाजार मूल्य बढ़कर 3.76–3.77 ट्रिलियन डॉलर हो गया — माइक्रोसॉफ्ट के 3.65 ट्रिलियन और एप्पल के 3 ट्रिलियन से ऊपर ।
यह सफलता अचानक नहीं आई। एनवीडिया का क़द AI चिप्स के बढ़ते मार्केट में इसकी लगभग एकाधिकार स्थिति से जुड़ा है। हाल ही में Loop Capital ने इसके शेयर का लक्ष्य मूल्य 250 डॉलर रखा, जिसमें 2025 में राजस्व लगभग 200 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद जताई गई है ।
एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने अपनी वार्षिक निवेशक मीटिंग में बताया कि कंपनी AI और रोबोटिक्स को भविष्य का बड़ा अवसर मान रही है। खासकर स्वायत्त वाहनों के लिए तैयार Nvidia Drive प्लेटफॉर्म पर जोर दिया, जिसके लिए इन्वेस्टर काफी उत्साहित हैं ।
हालाँकि अमेरिकी सरकार द्वारा चीन को H20 चिप्स एक्सपोर्ट करने पर रोक का सामना करना पड़ा और अनुमानित रूप से इससे 8 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ । लेकिन निवेशकों का भरोसा अडिग रहा, क्योंकि वैश्विक AI चिप्स की मांग और कंपनी की मजबूत बाजार पकड़ बनी हुई है ।
कुल मिलाकर, एनवीडिया ने इस साल लगभग 15 % की वृद्धि दर्ज की है, जबकि अप्रैल में इसे थोड़ी गिरावट भी झेलनी पड़ी थी। लेकिन कंपनी जल्दी ही उबर गई, और अब इसके पास दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार मूल्य है ।
अगर भविष्य में AI मार्केट तगड़ा ही रहेगा और ऑनर AI भरोसा इसी तरह बना रहेगा, तो एनवीडिया का विजय रथ और भी तेज़ रफ्तार पकड़ेगा।