Last Updated Feb - 28 - 2026, 11:03 AM | Source : Fela News
पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार द्वारा समर्थित एक सुरक्षित निवेश योजना है. इसमें पैसा डूबने का जोखिम नहीं होता और तय रिटर्न मिलता है. साथ ही निवेशकों को कई अन्य फायदे भी मिलते हैं.
Public Provident Fund: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे लोकप्रिय लॉन्ग-टर्म सेविंग्स स्कीम में से एक है. यह सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है और रिटर्न भी तय मिलता है. इस स्कीम में निवेश की गई 1.5 लाख रुपये तक की राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. साथ ही इसमें मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.
जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए PPF पर सालाना 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है, जो हर साल कंपाउंड होता है. यानी जमा रकम के साथ-साथ ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता रहता है. इस योजना में हर साल कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.
15 साल का होता है मैच्योरिटी पीरियड
PPF अकाउंट का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है. अगर कोई निवेशक हर साल 1 लाख रुपये जमा करता है, तो 15 साल में कुल निवेश 15 लाख रुपये होगा. 7.1 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर करीब 27.12 लाख रुपये मिल सकते हैं.
क्या एक से ज्यादा PPF अकाउंट खोले जा सकते हैं?
सरकार के नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के नाम पर पूरे देश में सिर्फ एक ही PPF अकाउंट खोला जा सकता है, चाहे वह बैंक में हो या पोस्ट ऑफिस में. पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम 2019 के तहत फॉर्म-1 भरकर अकाउंट खोला जाता है, लेकिन एक व्यक्ति को एक से ज्यादा पर्सनल PPF अकाउंट रखने की अनुमति नहीं है. साथ ही जॉइंट PPF अकाउंट की भी सुविधा नहीं दी गई है.
PPF अकाउंट PAN से जुड़ा होता है, इसलिए वेरिफिकेशन के दौरान एक से ज्यादा अकाउंट होने का पता चल जाता है. अगर अतिरिक्त अकाउंट पाया जाता है, तो उसे अमान्य कर दिया जाता है और उसमें जमा रकम बिना ब्याज के वापस की जा सकती है.
नाबालिग के नाम पर भी खुल सकता है अकाउंट
नियमों के मुताबिक माता-पिता या कानूनी अभिभावक नाबालिग बच्चे या मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति के नाम पर PPF अकाउंट खोल सकते हैं. हालांकि, एक बच्चे के नाम पर भी सिर्फ एक ही अकाउंट खोला जा सकता है.
PPF स्कीम में हर वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने की सीमा तय है. इस योजना का उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक नियमित बचत के लिए प्रोत्साहित करना है. अगर कोई निवेशक इससे ज्यादा निवेश करना चाहता है, तो उसे अन्य निवेश विकल्प चुनने होंगे.
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