Last Updated May - 29 - 2026, 12:13 PM | Source : Fela News
SIP Investment:भविष्य सुरक्षित करने के लिए लोग तेजी से SIP में निवेश कर रहे हैं, लेकिन क्या SIP की तारीख बदलने से ज्यादा रिटर्न मिलता है? जानिए निवेश से जुड़ा सबसे बड़ा कन्फ्यूजन और सही रणनीति.
SIP Investment: भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आज बड़ी संख्या में लोग SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का सहारा ले रहे हैं. कम रकम से शुरू होने वाला यह निवेश विकल्प लंबे समय में शानदार रिटर्न देने के लिए जाना जाता है. लेकिन SIP को लेकर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल हमेशा बना रहता है कि क्या SIP की तारीख बदलने से ज्यादा मुनाफा मिलता है?
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान कई निवेशकों को लगता है कि सही समय और सही तारीख पर निवेश करने से बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है. कुछ लोग बाजार गिरने पर SIP रोकने या तारीख बदलने की सलाह भी देते हैं. लेकिन अब एक नई स्टडी ने इस बड़े कन्फ्यूजन की सच्चाई सामने ला दी है.
व्हाइटओक म्यूचुअल फंड ने अगस्त 1996 से अप्रैल 2026 तक BSE Sensex TRI पर एक खास अध्ययन किया. इसमें यह समझने की कोशिश की गई कि अगर कोई निवेशक हर महीने बाजार के सबसे अच्छे दिन SIP करे और दूसरा सबसे खराब दिन निवेश करे, तो दोनों के रिटर्न में कितना फर्क पड़ेगा.
स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले रहे. हर महीने बाजार के सबसे अच्छे दिन निवेश करने वाले निवेशक को करीब 13.80% XIRR रिटर्न मिला, जबकि सबसे खराब दिन निवेश करने वाले को भी 13.32% का रिटर्न हासिल हुआ. यानी लगभग 30 साल में दोनों के रिटर्न में सिर्फ 0.48% का अंतर देखने को मिला.
वहीं जो निवेशक बिना बाजार की टाइमिंग पकड़ने की कोशिश किए हर महीने तय तारीख पर लगातार SIP करते रहे, उन्हें 13.58% का XIRR मिला. यह रिटर्न लगभग सबसे अच्छे दिन निवेश करने वाले निवेशकों के बराबर रहा.
इस स्टडी से साफ संकेत मिलता है कि SIP में सबसे ज्यादा जरूरी चीज सही तारीख नहीं, बल्कि नियमित और लंबे समय तक किया गया निवेश है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार की टाइमिंग पकड़ने से ज्यादा फोकस अनुशासित निवेश पर होना चाहिए, क्योंकि लंबी अवधि में यही रणनीति सबसे बेहतर रिटर्न दिलाती है.
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