Last Updated Jul - 16 - 2025, 12:48 PM | Source : Fela news
कॉर्पोरेट डॉलर मांग और आउटफ्लो की वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
पिछले सप्ताह में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले दो सप्ताह के निचले स्तर 85.97 तक गिर गया, जो विदेशी कॉर्पोरेट डॉलर खरीद और विदेशी पूंजी निकासी की वजह से हुआ ।
वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, मॉनसून की कमी नहीं, बल्कि निर्यात-क्षेत्र में नकदी की तीव्र मांग है, जो रुपया को कमजोर कर रही है। वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी लाभ दरों में वृद्धि ने डॉलर की ताकत को और बल दिया है।
हालांकि RBI के पास फिर से कीमत स्थिर करने की क्षमता है, लेकिन यह मौद्रिक नीतिका उचित समन्वय मांगती है। रुपया की कमर तोड़ने वाले फंड प्रवाह को नियंत्रण में रखने की जरूरत बनी हुई है।
विश्लेषकों ने सुझाया है कि कॉरपोरेट हेजिंग या फॉरेक्स ऑप्शन जैसे उपाय अपनाकर अस्थिरता से बचा जा सकता है।