Last Updated May - 05 - 2026, 05:11 PM | Source : Fela News
25-26 मई को SBI में देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. कर्मचारियों ने पेंशन, नई भर्ती, स्टाफ की कमी और आउटसोर्सिंग बंद करने समेत कई मांगों को लेकर मोर्चा खोला है.
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI में 25 और 26 मई को दो दिन की देशव्यापी हड़ताल होने जा रही है. कर्मचारियों ने पेंशन, भर्ती, स्टाफ की कमी और कामकाजी सुविधाओं को लेकर बड़ा मोर्चा खोल दिया है, जिससे करोड़ों ग्राहकों की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
कर्मचारियों ने क्यों लिया हड़ताल का फैसला?
अखिल भारतीय भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ ने SBI प्रबंधन के खिलाफ हड़ताल का नोटिस जारी किया है. कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही और पुराने समझौतों को भी सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा. इसी नाराजगी के चलते 25-26 मई को काम बंद करने का फैसला लिया गया है.
16 मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई
कर्मचारी संघ ने बैंक प्रबंधन के सामने 16 बड़ी मांगें रखी हैं. इनमें सबसे प्रमुख मांग पर्याप्त स्टाफ की भर्ती, मेसेंजर और आर्म्ड गार्ड की नियुक्ति, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, NPS कर्मचारियों को बेहतर पेंशन विकल्प देना और मेडिकल सुविधाओं में सुधार शामिल हैं. कर्मचारियों का कहना है कि लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ाया जा रहा.
भर्ती और सुरक्षा को लेकर भी गुस्सा
संघ का कहना है कि करीब तीन दशक से मेसेंजर की नियमित भर्ती नहीं हुई, जिससे हजारों युवाओं के अवसर खत्म हुए हैं. वहीं कई शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी से कर्मचारियों की जान भी खतरे में है. हाल की लूट की घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है.
पेंशन और वेतन को लेकर भी नाराजगी
NPS के तहत काम कर रहे कर्मचारियों ने पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग की है. साथ ही वेतन असमानता और ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर भी कर्मचारियों में भारी असंतोष है. उनका कहना है कि नए कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.
हड़ताल से पहले शुरू होगा विरोध प्रदर्शन
कर्मचारी 5 मई से 21 मई तक चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगे. लंच टाइम धरना, सोशल मीडिया कैंपेन, ज्ञापन और प्रदर्शन के जरिए सरकार व बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाया जाएगा. अगर तब भी बात नहीं बनी तो 25-26 मई को SBI का कामकाज ठप हो सकता है.
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