Last Updated Jun - 11 - 2026, 01:07 PM | Source : Fela News
Share Market Today: मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा. कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 75 अंक टूटकर 23,139 पर पहुंच गया, जबकि रुपया भी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे कमजोर होकर 95.60 पर खुला. निवेशकों में घबराहट का माहौल देखने को मिला.
Share Market Today:मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया।
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,983.18 के मुकाबले गिरकर 73,615.99 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 23,214.95 से फिसलकर 23,104.40 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 23,100 के अहम स्तर से नीचे चला गया, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ता दिखाई दिया।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने का मतलब है बढ़ती महंगाई, कंपनियों की लागत में इजाफा और अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव। यही वजह रही कि निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी और बाजार में बिकवाली हावी हो गई।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बैंकिंग, ऑटो, मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 28,279.90 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले गिरकर 27,888.00 पर खुला। कई दिग्गज शेयरों में भारी दबाव रहा, जबकि ऑयल एंड गैस सेक्टर की कुछ कंपनियों में खरीदारी का रुख देखने को मिला।
बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति को भी बड़ा झटका दिया। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी के चलते कई कंपनियों का मार्केट कैप घट गया, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।
अब निवेशकों की नजर मिडिल ईस्ट के हालात और कच्चे तेल की चाल पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम होता है तो बाजार में राहत भरी रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि हालात और बिगड़ने पर बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स निवेशकों को फिलहाल घबराकर फैसले लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस बनाए रखना चाहिए और बाजार की गिरावट को अवसर के रूप में देखना चाहिए। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और महंगे होते तेल ने आज भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
यह भी पढ़े
Jun - 11 - 2026
Gold Silver Price Today: अगर आप शादी, निवेश या किसी खास मौके के लिए सोना-... Read More