Header Image

Share Market: होर्मुज पर ट्रंप की धमकी, सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

Share Market: होर्मुज पर ट्रंप की धमकी, सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

Last Updated Apr - 13 - 2026, 10:30 AM | Source : Fela News

Share Market Update: ईरान वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने 13 अप्रैल से बंदरगाह नाकेबंदी का ऐलान किया, जिससे निवेशकों में डर बढ़ा और बाजार में भारी गिरावट का माहौल बन गया।
सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का
सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

Share Market Today:ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के विफल होने और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल ने भारतीय शेयर बाजार को जोरदार झटका दिया है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार भारी गिरावट के साथ खुला और पूरे दिन दबाव में नजर आया. निवेशकों में डर का माहौल साफ दिखा, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा.

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1613 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 75,900 के आसपास ट्रेड करता दिखा. वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 461 अंक टूटकर 23,589 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया. बाजार में इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय तनाव है. इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का ऐलान कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं.

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. तेल की कीमतें बढ़ने का मतलब है पेट्रोल-डीजल महंगे होना, जिससे ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी. इसका असर सीधे महंगाई पर पड़ेगा और कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव बनेगा. यही कारण है कि शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो गई.

केवल भारत ही नहीं, एशियाई बाजारों में भी इस तनाव का असर देखने को मिला. जापान का निक्केई इंडेक्स गिरकर 56,500 के नीचे आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.83 प्रतिशत तक टूट गया. हांगकांग का हैंग सेंग भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा. चीन के बाजार में भी मिलाजुला रुख रहा, लेकिन वहां भी दबाव साफ नजर आया.

अमेरिकी बाजारों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है. वॉल स्ट्रीट में भी भारी बिकवाली देखी जा रही है. डाऊ जोन्स फ्यूचर्स करीब 550 अंक गिर गए, जबकि S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में भी कमजोरी दर्ज की गई. इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है. ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर करीब 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 104 डॉलर के पार चला गया. यह उछाल आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव, ऊर्जा संकट और महंगाई की आशंका ने शेयर बाजार को हिला कर रख दिया है. निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है.

यह भी पढ़े 

LPG prices: 14.2 किलो गैस सिलेंडर आज कितना सस्ता? जानें हर शहर के दाम

Share :

Trending this week

8वां वेतन आयोग लागू

Apr - 13 - 2026

8th Pay commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इन ... Read More

सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

Apr - 13 - 2026

Share Market Today:ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के विफल होने और कच्चे ... Read More

14.2 किलो गैस सिलेंडर आज कितना सस्ता?

Apr - 11 - 2026

LPG cylinder price on April 11: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका-इ... Read More