Last Updated Mar - 19 - 2026, 03:42 PM | Source : Fela News
Share Market: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार शुरू होने के पहले ही घंटे में निवेशकों को बड़ा झटका लगा और करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Share Market:भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 19 मार्च को भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली हावी रही और महज एक घंटे के भीतर निवेशकों के करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 438.63 ट्रिलियन रुपये से घटकर 430.99 ट्रिलियन रुपये पर आ गया।
शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। सुबह करीब 9:23 बजे बीएसई सेंसेक्स 1548 अंक गिरकर 75155 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 458 अंक लुढ़ककर 23319 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
गिरावट के प्रमुख कारण
इस गिरावट के पीछे कई वजहें एक साथ सामने आई हैं। सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने ऊर्जा क्षेत्र पर असर डाला है। ईरान ने कतर, सऊदी अरब और यूएई के अहम गैस और तेल ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 111-112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत की आयात पर निर्भरता के कारण इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसका असर बाजार पर पड़ा।
निवेशकों का भरोसा डगमगाया
इस बीच HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे ने भी बाजार को झटका दिया। इसके बाद बैंक के शेयरों में 8-9 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
वैश्विक संकेत भी कमजोर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करना और भविष्य में सख्त रुख के संकेत देने से भी वैश्विक बाजारों में दबाव बना। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।
इसके अलावा भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.38 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों में घबराहट बढ़ी और बिकवाली तेज हो गई।
आज बैंकिंग, ऑटो, आईटी और एफएमसीजी समेत लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
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