Last Updated May - 25 - 2026, 12:31 PM | Source : Fela news
UPI:अगर बैंक को आपके खाते में संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो UPI लिमिट घटाई जा सकती है. जरूरत पड़ने पर बैंक आपका ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम भी अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकते हैं.
UPI Payment: देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए भारतीय बैंक और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अब UPI ट्रांजैक्शन को लेकर ज्यादा सख्त हो गए हैं. अगर बैंक के ऑटोमेटेड रिस्क सिस्टम को आपके खाते में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो आपकी UPI लिमिट तुरंत कम की जा सकती है. इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर बैंक कुछ समय के लिए आपका ऑनलाइन पेमेंट भी ब्लॉक कर सकते हैं.
दरअसल, डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. इसी वजह से बैंक अब ग्राहकों के ट्रांजैक्शन पैटर्न पर लगातार नजर रख रहे हैं. अगर सिस्टम को किसी यूजर की गतिविधि सामान्य व्यवहार से अलग लगती है, तो तुरंत अलर्ट जारी हो जाता है और सुरक्षा के तौर पर कार्रवाई की जाती है.
बैंक अधिकारियों के मुताबिक कई बार लोग रोजाना छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करते हैं, लेकिन अचानक बड़ी रकम ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं. ऐसे मामलों में बैंक का रिस्क सिस्टम इसे संदिग्ध मान सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर आमतौर पर 100 से 500 रुपये के बीच लेनदेन करता है और अचानक 50 हजार रुपये भेजने की कोशिश करता है, तो सिस्टम अलर्ट हो सकता है.
इसके अलावा एक ही दिन में अलग-अलग शहरों या दूर की लोकेशन से ट्रांजैक्शन होने पर भी बैंक सख्ती दिखा सकते हैं. बार-बार गलत UPI PIN डालना या लगातार ट्रांजैक्शन फेल होना भी खाते पर अस्थायी रोक की वजह बन सकता है. हालांकि बैंक इसे सिर्फ सुरक्षा कदम बता रहे हैं और ज्यादातर मामलों में यह रोक कुछ समय बाद अपने आप हट जाती है.
RBI ने भी डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं. अब कई मामलों में सिर्फ OTP डालने से पेमेंट पूरा नहीं माना जाएगा. यूजर्स को पासवर्ड या UPI PIN के साथ बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन यानी फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन जैसी अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ सकता है.
वहीं नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भी UPI ट्रांजैक्शन लिमिट को लेकर नियम तय किए हैं. सामान्य यूजर्स के लिए प्रतिदिन 1 लाख रुपये तक की लिमिट और अधिकतम 20 ट्रांजैक्शन की सीमा रखी गई है. कुछ वेरिफाइड यूजर्स के लिए यह लिमिट 5 लाख से 10 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है. वहीं UPI Lite के जरिए प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 1000 रुपये और एक दिन में 10 हजार रुपये तक भुगतान किया जा सकता है.
बैंक ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि वे किसी भी अनजान लिंक या QR कोड से बचें, बार-बार गलत PIN न डालें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें. डिजिटल पेमेंट जितना आसान हुआ है, सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना भी अब उतना ही जरूरी हो गया है.
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