Last Updated Aug - 07 - 2025, 05:59 PM | Source : Fela News
CBSE ने साफ कहा है कि स्कूल नियमित रूप से छात्रों की हाजिरी अपडेट करें और जब भी जांच हो, उसके लिए तैयार रहें।
अब CBSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को कम से कम 75% उपस्थिति जरूरी होगी। CBSE ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस नियम का पूरी तरह पालन कराया जाए। कुछ स्कूलों में परीक्षा फॉर्म भरने के बाद भी छात्रों की हाजिरी नहीं रखी जा रही थी, इसी को देखते हुए बोर्ड ने यह कड़ा फैसला लिया है।
स्कूल की मान्यता भी जा सकती है
CBSE ने कहा है कि स्कूलों को छात्रों की उपस्थिति नियमित रूप से अपडेट करनी होगी और अगर जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई, तो स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है। साथ ही ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने से भी रोका जा सकता है।
किन्हें मिल सकती है छूट?
परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि 75% से कम हाजिरी वालों को परीक्षा की अनुमति नहीं मिलेगी। लेकिन अगर छात्र के पास मेडिकल इमरजेंसी, किसी बड़े खेल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जैसी कोई ठोस वजह है, तो उसे 25% तक छूट मिल सकती है।
दस्तावेज देने होंगे
छूट पाने के लिए छात्र को सभी जरूरी कागज स्कूल और बोर्ड को समय पर देने होंगे। छूट तभी मिलेगी जब स्कूल उस वजह को सही ठहराए और प्रमाणित करे।
CBSE ने यह भी कहा है कि अगर कोई छात्र लगातार स्कूल नहीं आ रहा है, तो उसके माता-पिता को स्कूल की ओर से नोटिस, ईमेल या मैसेज के जरिए जानकारी दी जाए।
क्यों लिया गया ये फैसला?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों में अनुशासन बना रहेगा और लगातार स्कूल आने की आदत पड़ेगी। साथ ही इससे फर्जी यानी डमी एडमिशन लेने वाले स्कूलों पर भी रोक लगेगी।
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