Last Updated Aug - 25 - 2025, 04:31 PM | Source : Fela News
यूजीसी के नवीनतम 2025 अपडेट से पता चलता है कि 21 गैर-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अवैध रूप से चल रहे हैं। छात्रों को समय, धन की बर्बादी और बर्बाद भविष्य की संभ
छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक ईमानदारी को बनाए रखने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने वर्ष 2025 की 21 फर्जी विश्वविद्यालयों की अद्यतन सूची जारी की है। ये संस्थान किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त डिग्री प्रदान करने का कानूनी अधिकार नहीं रखते और भ्रामक नामों व झूठे वादों के सहारे छात्रों को धोखा दे रहे हैं।
उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश में दो ऐसे नाम शामिल हैं – क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डिम्ड यूनिवर्सिटी (गुंटूर) और बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (विशाखापट्टनम), जबकि दिल्ली में ही आठ फर्जी संस्थान कार्यरत पाए गए हैं, जिनमें कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड से लेकर यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी और स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी तक शामिल हैं।
अन्य प्रभावित राज्यों में कर्नाटक (जैसे बदागनवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी, बेलगावी), केरल (जैसे सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, किशनट्टम), महाराष्ट्र, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में चार फर्जी संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें गांधी हिंदी विद्यापीठ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ शामिल हैं।
इन संस्थानों से प्राप्त डिग्रियों का आगे की पढ़ाई, सरकारी नौकरियों या पेशेवर लाइसेंसिंग में कोई महत्व नहीं है। इस तरह की धोखाधड़ी छात्रों के करियर और आर्थिक स्थिरता को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती है।
यूजीसी ने इच्छुक छात्रों और उनके अभिभावकों को सलाह दी है कि नामांकन से पहले हमेशा विश्वविद्यालय की मान्यता स्थिति उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। साथ ही, संदिग्ध संस्थानों की जानकारी ईमेल के माध्यम से भेजकर तुरंत कार्रवाई के लिए सूचित करें।
Apr - 16 - 2026
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