Last Updated Sep - 22 - 2025, 04:27 PM | Source : Fela News
रूसी लेखक फ्योदोर दोस्तोवस्की ने मिर्गी के दौरे को मौत से पहले का ‘परम आनंद’ कहा। उनके लिए जिंदगी संघर्ष और पीड़ा ही नहीं, बल्कि रोमांस और गहरी अनुभूति का प्रती
रूसी साहित्य के महान लेखक फ्योडर दोस्तोवस्की की जिंदगी हमेशा से ही साहित्य और जटिल अनुभवों से भरी रही। हाल ही में उनकी एक चिट्ठी चर्चा में आई है, जो उन्होंने मौत की सजा से पहले लिखी थी। इस चिट्ठी में दोस्तोवस्की ने अपने मिर्गी के दौरे को 'परम आनंद' बताया और जिंदगी को गहराई से अनुभव करने की बात की।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोस्तोवस्की की यह सोच उनके लेखन में भी झलकती है। उन्होंने हमेशा इंसानी मानसिकता, दुख और संघर्ष को अपने उपन्यासों में बेहद वास्तविक रूप में पेश किया। उनके जीवन और अनुभवों का असर उनकी रचनाओं पर साफ देखा जा सकता है।
इस चिट्ठी के सामने आने के बाद उनके व्यक्तित्व और भी दिलचस्प नजर आ रहे हैं। दोस्तोवस्की ने मौत, पीड़ा और आनंद को एक साथ महसूस किया और अपने लेखन में इन्हें अमर कर दिया। उनके जीवन का यह पहलू साहित्य प्रेमियों के लिए हमेशा प्रेरणादायक और रोमांचक रहेगा।
Apr - 13 - 2026
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