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Colonel Noreen Shanet John: महिला अधिकारी बनी अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटर की कमांडिंग ऑफिसर, जानें पूरा सफर

Colonel Noreen Shanet John: महिला अधिकारी बनी अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटर की कमांडिंग ऑफिसर, जानें पूरा सफर

Last Updated Apr - 24 - 2026, 06:54 PM | Source : Fela News

Colonel Noreen Shanet John:कर्नल नोरीन शानेट जॉन ने इतिहास रचते हुए बेंगलुरु स्थित मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप में प्रशिक्षण बटालियन की पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर का पद संभाला. 26 साल की सेवा के बाद यह उपलब्धि हासिल की।
महिला अधिकारी बनी अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटर की कमांडिंग ऑफिसर
महिला अधिकारी बनी अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटर की कमांडिंग ऑफिसर

भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है, और अब वे केवल भागीदार ही नहीं बल्कि नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं. इसी कड़ी में कर्नल नोरीन शानेट जॉन ने एक नया इतिहास रच दिया है. उन्हें बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप (MEG) एंड सेंटर में प्रशिक्षण बटालियन की कमान सौंपी गई है. इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला अधिकारी बन गई हैं. MEG भारतीय सेना की सबसे पुरानी और अहम इंजीनियरिंग इकाइयों में से एक है, जहां अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को ट्रेनिंग दी जाती है.

एनसीसी से शुरू हुआ प्रेरणादायक सफर

कर्नल नोरीन का सैन्य सफर नेशनल कैडेट कोर (NCC) से शुरू हुआ, जहां उनके नेतृत्व और अनुशासन की नींव पड़ी. केरल के कालीकट स्थित प्रोविडेंस महिला कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने NCC गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की और अपनी अलग पहचान बनाई. साल 1989 में दिल्ली में आयोजित NCC रिपब्लिक डे कैंप में उन्होंने ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया. इसके बाद 1993 में उन्हें बेस्ट परेड कमांडर का सम्मान मिला. उसी वर्ष उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की रैली में संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर की कमान भी संभाली, जो उनके करियर का अहम क्षण रहा.

26 साल की सेवा और लगातार पदोन्नति

इन शुरुआती अनुभवों ने उनके भीतर नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की मजबूत भावना विकसित की. 7 मार्च 1998 को उन्हें कोर ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन मिला. इसके बाद उन्होंने 26 वर्षों से अधिक समय तक सेना में ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और नेतृत्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. जनवरी 2020 में उन्हें स्थायी कमीशन मिला, जबकि जनवरी 2023 में उन्हें कर्नल (सेलेक्ट ग्रेड) के पद पर पदोन्नति दी गई.

अहम जिम्मेदारियां और उपलब्धियां

अपने करियर के दौरान कर्नल नोरीन ने प्रयागराज स्थित 14वीं सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) में वरिष्ठ ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर (GTO) के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने अधिकारियों के चयन और मूल्यांकन में अहम भूमिका निभाई.

व्यक्तिगत जीवन और प्रेरणा

कर्नल नोरीन की शादी कर्नल मोनिश दास से हुई है, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और स्वयं कोर ऑफ इंजीनियर्स से जुड़े रहे हैं. एक NCC कैडेट से लेकर कमांडिंग ऑफिसर बनने तक का उनका सफर आज देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुका है.

उनका नेतृत्व न केवल MEG की ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय सेना में योग्यता और समर्पण का कोई जेंडर नहीं होता।

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