Last Updated May - 01 - 2026, 03:56 PM | Source : Fela News
दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और पैरेंट्स पर आर्थिक बोझ को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. नियम तोड़ने पर स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, सरकार एक्शन मोड में है.
दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब पैरेंट्स स्कूल की किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी कहीं से भी खरीद सकेंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों की आजादी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
स्कूलों को देना होगा स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिया है कि वे अपने नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और स्कूल स्टोर पर यह साफ लिखें कि पैरेंट्स किसी भी विक्रेता से सामग्री खरीद सकते हैं. किसी एक दुकान या विक्रेता से खरीदने के लिए मजबूर करना पूरी तरह गलत होगा.
5-6 विकल्प दे सकते हैं, बाध्यता नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर स्कूल चाहें तो 5-6 दुकानों के विकल्प दे सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह की अनिवार्यता नहीं होगी. पैरेंट्स को पूरी स्वतंत्रता रहेगी कि वे अपनी सुविधा से खरीदारी करें.
नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ने पर स्कूल का टेकओवर भी किया जा सकता है.
अचानक निरीक्षण का भी ऐलान
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि वे खुद किसी भी स्कूल में अचानक निरीक्षण कर सकती हैं. यह कदम अभिभावकों की शिकायतों और सुझावों के आधार पर उठाया जा रहा है.
सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि यह केवल आदेश नहीं बल्कि गंभीर सुधार की प्रक्रिया है. जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां सीधे कार्रवाई होगी. सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी और पैरेंट्स-फ्रेंडली बने.
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