Last Updated Aug - 29 - 2025, 11:52 AM | Source : Fela News
दिल्ली के आईटीआई उभरते नौकरी बाजारों से मेल खाने के लिए ₹170 करोड़ की पहल के तहत जल्द ही एआई, रोबोटिक्स, ईवी रखरखाव और हरित ऊर्जा में पाठ्यक्रम पेश करेंगे।
विष्य के करियर को सुरक्षित बनाने के लिए एक साहसिक कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने 170 करोड़ रुपये की एक पहल शुरू की है, जिसके तहत पंद्रह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मेंटेनेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शामिल होंगे। इस दूरदर्शी उन्नयन का उद्देश्य पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण को कल की प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों से जोड़ना है, ताकि दिल्ली के युवा सीधे आईटीआई कक्षाओं से उच्च-आय वाले क्षेत्रों में आसानी से प्रवेश कर सकें।
यह पहल आईटीआई उन्नयन की व्यापक राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है, जिसे एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से समर्थित 60,000 करोड़ रुपये के बड़े कोष से सहायता मिल रही है। अपने व्यावसायिक संस्थानों में उन्नत पाठ्यक्रम जोड़कर, दिल्ली न केवल वैश्विक रुझानों के अनुरूप कदम उठा रही है, बल्कि रोबोटिक्स, एआई-आधारित ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते रोजगार बाजारों के लिए नए द्वार भी खोल रही है।
कल्पना कीजिए कि दिल्ली का एक छात्र ईवी मेंटेन करना सीख रहा है या रोबोटिक्स प्रोग्रामिंग कौशल प्राप्त कर रहा है, जो पहले केवल दूरस्थ टेक हब तक सीमित थे। अब, इन्हें उनके स्थानीय आईटीआई में ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल शहरी प्रतिभा पलायन कम होगा, बल्कि राजधानी को व्यावसायिक नवाचार के एक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे तकनीकी शिक्षा और अधिक प्रासंगिक, आधुनिक और समावेशी बनेगी।
दिल्ली की रणनीति सरल लेकिन प्रभावशाली है: छात्रों को कल के उपकरण आज ही देना। जब कक्षाओं और कार्यशालाओं में रोबोटिक्स किट, एआई मॉड्यूल और ग्रीन टेक्नोलॉजी की गूंज होगी, तब युवा महत्वाकांक्षाएं और उद्योग की मांगें पूर्ण सामंजस्य में मिलेंगी।