Last Updated Aug - 27 - 2025, 04:04 PM | Source : Fela News
इस पहल के तहत, पांच छात्रों को सीधे बीएस और बीटेक कार्यक्रमों में प्रवेश दिया गया है। इन छात्रों का चयन उनके प्रवेश परीक्षा के अंकों के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्
इस प्रक्रिया को ‘ओलंपियाड चैनल’ कहा जाता है, जो उन प्रतिभाशाली छात्रों को, जिन्होंने वर्षों तक ओलंपियाड पर ध्यान केंद्रित किया है न कि प्रतियोगी परीक्षाओं पर, IIT में प्रवेश का एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है। यह चयन स्वतः नहीं हुआ।
उम्मीदवारों को पहले विभागीय स्तर पर शॉर्टलिस्ट किया गया, इसके बाद अपनी क्षमता साबित करने के लिए उन्हें लिखित परीक्षाओं और साक्षात्कारों का सामना करना पड़ा।
इस पहल का बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के सबसे उज्ज्वल वैज्ञानिक मस्तिष्क विदेश जाने के बजाय देश में ही अध्ययन करें। कानपुर के बाद अब मद्रास, गांधीनगर और बॉम्बे जैसे अन्य IIT भी इसी तरह के अवसर प्रदान कर रहे हैं। यह कदम जेईई जैसी मानकीकृत परीक्षाओं से परे योग्यता को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है।