Last Updated Aug - 11 - 2025, 05:29 PM | Source : Fela News
सीबीएसई बोर्ड अब क्लास 9 में ओपन बुक एग्जाम शुरू कर रहा है। यह तरीका कई देशों में पहले से चलता आ रहा है। चलिए जानते हैं इससे क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में बड़े बदलाव देखे गए हैं। अब बोर्ड ने NCFSE 2023 के तहत कक्षा 9 में ओपन बुक एग्जाम शुरू करने की मंजूरी दे दी है। ये बदलाव 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। यह तरीका छात्रों के लिए नया होगा, लेकिन कई देशों में यह कई सालों से चलता आ रहा है।
ओपन बुक एग्जाम कोई नई बात नहीं है। यूरोप के लॉ कॉलेजों में यह तरीका कई सौ साल पहले शुरू हुआ था, और धीरे-धीरे बाकी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में भी फैल गया। आज यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग और कनाडा के कई स्कूलों में यह तरीका अपनाया जाता है।
ओपन बुक एग्जाम में छात्र परीक्षा के दौरान किताबें, नोट्स और पढ़ाई का सामान साथ रख सकते हैं। सुनने में आसान लगता है, लेकिन असली चुनौती यह है कि सिर्फ किताब से कॉपी करना काम नहीं करेगा। नंबर तभी मिलेंगे जब छात्र जवाब को समझकर अपने शब्दों में लिखेगा।
इस परीक्षा में छात्रों की समझ, सोचने की क्षमता और प्रैक्टिकल ज्ञान पर ध्यान दिया जाता है। इसलिए रटने की बजाय समझने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इससे छात्र रटने की आदत छोड़कर सही तरीके से पढ़ाई करेंगे।