Last Updated Mar - 28 - 2026, 04:58 PM | Source : Fela News
UPSC Success Story: हरियाणा के जतिन जाखर ने चार बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में UPSC पास कर 191वीं रैंक हासिल की, उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। ऐसे में हर सफल उम्मीदवार की कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा बनती है। हरियाणा के जतिन जाखर की कहानी भी ऐसी ही है, जिन्होंने लगातार चार असफलताओं के बाद हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल कर ली।
जतिन जाखर ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 191वीं रैंक हासिल की है। यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले वे चार बार परीक्षा में असफल रहे थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत जारी रखी।
साधारण परिवार से निकले, बड़ा सपना देखा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जतिन के पिता सेना से रिटायर्ड हैं और फिलहाल सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करते हैं। बचपन से ही जतिन ने अपने पिता को परिवार के लिए संघर्ष करते देखा। यही संघर्ष और त्याग उनके लिए प्रेरणा बना। उन्होंने ठान लिया कि वे कुछ बड़ा करेंगे और अपने परिवार का नाम रोशन करेंगे।
चार बार असफलता, फिर भी नहीं टूटा हौसला
जतिन का यूपीएससी का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने लगातार चार बार परीक्षा दी, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। कई बार वे मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सके। इस दौरान उन्हें मानसिक दबाव और लोगों के सवालों का भी सामना करना पड़ा।
हालांकि, उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमजोरियों पर काम किया। उन्होंने खुद को पूरी तरह तैयारी में झोंक दिया और अपनी गलतियों से सीख ली। यही मेहनत आखिरकार उनके काम आई।
पांचवें प्रयास में मिली सफलता
लगातार मेहनत और धैर्य के बाद जतिन ने पांचवीं बार परीक्षा दी और इस बार उन्होंने 191वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। उनकी यह उपलब्धि उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा संदेश है, जो असफलता के बाद हिम्मत हार जाते हैं।
ऐसे की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जतिन ने करीब 9 साल तक लगातार यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही जनरल स्टडीज की मजबूत तैयारी की।
उन्होंने नियमित रूप से अखबार पढ़े, सरकारी रिपोर्ट्स का अध्ययन किया और देश-दुनिया की घटनाओं पर नजर बनाए रखी। इसके अलावा आंसर राइटिंग की लगातार प्रैक्टिस भी उनकी सफलता का एक बड़ा कारण बनी।
युवाओं के लिए प्रेरणा
जतिन जाखर की कहानी यह बताती है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास जरूरी होता है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।
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