Last Updated May - 16 - 2025, 05:46 PM | Source : Fela News
नई रिसर्च में पता चला है कि अगर किसी को बड़े होने के बाद टाइप-1 डायबिटीज हो जाए, तो उसे हार्ट की बीमारी और समय से पहले मौत का खतरा ज्यादा होता है।
युवाओं को लेकर एक नई रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसमें कहा गया है कि अगर किसी को बड़े होने (यानी अडल्टहुड) के दौरान टाइप-1 डायबिटीज हो जाती है, तो उसे हार्ट की बीमारी और समय से पहले मौत का खतरा ज्यादा होता है।
रिसर्च में क्या पता चला?
स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टिट्यूट की इस स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को टाइप-1 डायबिटीज का पता 40 की उम्र के बाद चला, उनकी हालत भी पहले से बीमार लोगों जैसी ही गंभीर थी। रिसर्च में यह भी कहा गया कि स्मोकिंग, मोटापा और शुगर कंट्रोल न होना इस खतरे की बड़ी वजहें हैं।
किन लोगों पर हुई स्टडी?
इस रिसर्च में 2001 से 2020 के बीच टाइप-1 डायबिटीज से ग्रस्त वयस्कों की जांच की गई और इनकी तुलना 5 लाख से ज्यादा स्वस्थ लोगों से की गई। पता चला कि जिन्हें अडल्टहुड में डायबिटीज हुई, उनमें हार्ट डिजीज, कैंसर, इंफेक्शन और समय से पहले मौत का खतरा काफी बढ़ गया था।
एक्सपर्ट की सलाह
रिसर्च से जुड़े डॉक्टर युक्सिया वेई ने बताया कि युवाओं में इंसुलिन पंप का इस्तेमाल कम होता है और वे सही तरीके से शुगर कंट्रोल नहीं कर पाते। इसलिए जरूरी है कि ऐसे मरीजों की सही समय पर जांच और इलाज हो ताकि आगे चलकर खतरा न बढ़े।
नतीजा
अगर किसी को बड़ी उम्र में टाइप-1 डायबिटीज होती है, तो उसे दिल की बीमारियों और अन्य गंभीर खतरे ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में युवाओं को सावधानी और समय पर इलाज की जरूरत है।