Last Updated Jul - 12 - 2025, 02:01 PM | Source : Fella News
नीतू रोहरा के बैंक खाते में 14 करोड़ रुपये आने से मचा हड़कंप। छांगुर बाबा की चार संस्थाएं आय के स्रोत की जांच में शामिल, मामला जांच एजेंसियों के पास।
बलरामपुर धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे चौंका रहे हैं। इस बार जांच एजेंसियों को नीतू रोहरा के बैंक खाते में महज चार महीनों में 14 करोड़ रुपये की एंट्री मिली है। ये रकम कहां से आई, इसका कोई ठोस जवाब अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन इस पैसे की कड़ी छांगुर बाबा से जुड़ी चार संस्थाओं से जुड़ती दिख रही है।
यूपी एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि नीतू रोहरा के खाते में विदेश से भारी फंडिंग आई थी। जिन ट्रस्टों के जरिए ये रकम भेजी गई, उनमें छांगुर बाबा की सीधी भूमिका मानी जा रही है। इन ट्रस्टों का इस्तेमाल कथित तौर पर धर्मांतरण जैसे कामों को बढ़ावा देने के लिए किया गया। यह भी शक जताया जा रहा है कि इन संस्थाओं की आड़ में विदेशी चंदा गैरकानूनी तरीकों से भारत भेजा गया और उसका इस्तेमाल युवतियों को बहलाने-फुसलाने और धर्म परिवर्तन कराने में हुआ।
नीतू रोहरा वही महिला है जिसे इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से बाबा के संपर्क में थी और उसके द्वारा संचालित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। अब उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी फंडिंग अधिनियम के तहत जांच की जा रही है।
छांगुर बाबा की बनाई गई चारों संस्थाएं अब एजेंसियों के निशाने पर हैं। इनकी फंडिंग, ट्रांजैक्शन और ट्रस्ट डीड की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धर्मांतरण के इस नेटवर्क को आर्थिक रूप से किसने और कैसे मदद पहुंचाई। शुरुआती सबूत काफी गंभीर हैं और जांच का दायरा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ सकता है।