Last Updated Apr - 02 - 2025, 01:38 PM | Source : Fela News
अनंत अंबानी ने अपने जन्मदिन से पहले द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन किए। आध्यात्मिक पदयात्रा के दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया, जिससे उनकी यात्रा सुर्खि
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी ने अपने 30वें जन्मदिन से पहले एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा शुरू की है। वे गुजरात के जामनगर से द्वारका तक की 140 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकले हैं, जिसका उद्देश्य द्वारकाधीश मंदिर में आशीर्वाद प्राप्त करना है। यह यात्रा बीते पांच दिनों से जारी है और अगले कुछ दिनों में वे पवित्र नगरी द्वारका पहुंचेंगे।
भगवान द्वारकाधीश के प्रति अनंत अंबानी की आस्था
अनंत अंबानी को उनकी गहरी धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है। यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, "यह पदयात्रा हमारे घर जामनगर से द्वारका तक है। यह पिछले पांच दिनों से चल रही है और हमें द्वारका पहुंचने में अभी दो से चार दिन और लगेंगे। मेरी यात्रा जारी है। भगवान द्वारकाधीश हम सभी को आशीर्वाद दें। मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि किसी भी कार्य की शुरुआत करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करें, इससे वह कार्य बिना किसी बाधा के पूरा होगा।"
सुरक्षा व्यवस्था और यात्रा का विशेष आयोजन
अनंत अंबानी की इस आध्यात्मिक यात्रा को देखते हुए Z+ सुरक्षा और स्थानीय पुलिस की निगरानी में यात्रा हो रही है। हर दिन वे रात में 10-12 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। वे अपना 30वां जन्मदिन 10 अप्रैल को द्वारकाधीश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ मनाने की योजना बना रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता
आध्यात्मिकता के अलावा अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण और सतत विकास के लिए भी समर्पित हैं। वे वंतारा (Vantara) नामक परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं, जो पशु बचाव और पुनर्वास पर केंद्रित है। यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई है। 27 फरवरी को वंतारा को ‘प्राणी मित्र’ राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो भारत में पशु कल्याण के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। यह पुरस्कार विशेष रूप से राधे कृष्ण टेंपल एलिफेंट वेलफेयर ट्रस्ट (RKTEWT) को मिला, जो हाथियों के बचाव, उपचार और आजीवन देखभाल के लिए समर्पित है।
आध्यात्मिकता और समाजसेवा का अनोखा संगम
अनंत अंबानी की यह यात्रा उनकी धार्मिक निष्ठा और समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। जहां वे भगवान द्वारकाधीश की कृपा के लिए यात्रा कर रहे हैं, वहीं उनका पशु कल्याण और सतत विकास में योगदान भी सराहनीय है। उनकी यह पदयात्रा न केवल उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी है।