Last Updated Jun - 28 - 2025, 11:51 AM | Source : Fela News
बंगाल की 629 साल पुरानी ऐतिहासिक रथ मेला पहली बार रद्द कर दी गई। ‘हलाल प्रसाद’ को लेकर उठे विवाद ने धार्मिक आस्था और राजनीति के बीच जबरदस्त तनाव पैदा कर दिया।
पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान मानी जाने वाली रथ मेला इस साल 629 वर्षों के इतिहास में पहली बार रद्द कर दी गई है। रथ यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब 'हलाल प्रसाद' की अवधारणा से जुड़कर गहरी धार्मिक और राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है, लेकिन आयोजकों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि आस्था के साथ समझौता किया गया है। विवाद तब और भड़का जब 'हलाल प्रसाद' को लेकर सवाल उठे—क्या श्रद्धालुओं को दी जाने वाली प्रसादी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप है या नहीं?
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां एक ओर कुछ दल इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार इसे शांति और सुरक्षा का सवाल बता रही है। रथ यात्रा का रद्द होना सिर्फ एक आयोजन के स्थगन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह धर्म, परंपरा और सत्ता के टकराव का प्रतीक बन गया है।
देशभर में इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग जानना चाह रहे हैं कि क्या यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला है या इसके पीछे कुछ और गहराई है।