Last Updated Mar - 08 - 2025, 03:25 PM | Source : Fela News
बिहार की राजनीति में बड़ा दांव खेलते हुए महागठबंधन ने 2025 विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के न
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
पटना में महागठबंधन के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं हूं। हमने फैसला किया है कि 2025 के विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़े जाएंगे।" इस घोषणा के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को अगला मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।
महागठबंधन की एकजुट रणनीति
महागठबंधन में RJD, जनता दल (यूनाइटेड) [JDU], और कांग्रेस जैसी पार्टियां शामिल हैं। ये दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की तैयारी कर रहे हैं। CPI-ML विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा, "महागठबंधन 2025 का चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही लड़ेगा।" इस एकजुटता से गठबंधन की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।
BJP की प्रतिक्रिया और सियासी हलचल
BJP ने इस घोषणा पर तंज कसते हुए इसे सियासी चाल बताया। बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा, "नीतीश कुमार का यह बयान तेजस्वी को खुश करने और RJD को भ्रमित रखने की रणनीति है।" इससे संकेत मिलता है कि बीजेपी इस सियासी कदम को लेकर सतर्क है और इसे महज एक राजनीतिक दांव मान रही है।बिहार के भविष्य पर असर
इस फैसले को बिहार की राजनीति में एक पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन का मकसद युवा मतदाताओं को आकर्षित करना और प्रदेश की मौजूदा समस्याओं का हल निकालना है। जैसे-जैसे 2025 के चुनाव करीब आएंगे, बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आएंगे।
नीतीश कुमार की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करना बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 2025 के चुनाव में यह रणनीति किस हद तक सफल होती है और मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं।