Header Image

बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने चिलचिलाती गर्मी में बांटे कंबल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने चिलचिलाती गर्मी में बांटे कंबल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Last Updated Apr - 10 - 2025, 11:18 AM | Source : Fela News

फाउंडेशन डे कार्यक्रम में 40 डिग्री तापमान के बीच बांटे गए 'अंग वस्त्र', यूज़र्स बोले- "अब बर्फ भी बांट दो!"
बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने चिलचिलाती गर्मी में बांटे कंबल
बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने चिलचिलाती गर्मी में बांटे कंबल

बिहार के खेल मंत्री और बीजेपी विधायक सुरेंद्र मेहता एक बार फिर सुर्खियों में हैं — और इस बार वजह है उनका एक ऐसा कदम जो सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का कारण बन गया है। 6 अप्रैल को बीजेपी के 45वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होंने बेगूसराय जिले के मंसूरचक प्रखंड के अहीयापुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को कंबल बांटे, जबकि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार था।

इस कार्यक्रम में करीब 700 से ज़्यादा लोग शामिल हुए। मंच से मंत्री जी ने 'अंग वस्त्र' के रूप में कंबल बांटे — जो परंपरागत रूप से सम्मान का प्रतीक माना जाता है — लेकिन जब यह काम चिलचिलाती गर्मी में किया गया, तो सोशल मीडिया पर इसका मज़ाक उड़ना तय था।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं:
जैसे ही इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मीम्स और चुटकुले की बाढ़ आ गई।

एक यूज़र ने लिखा,
"अब तो AC, कूलर और बर्फ के गोले भी बांट दो मंत्री जी!"

दूसरे ने तंज कसा,
"ये तो सरासर गर्मी से दुश्मनी है। जून में क्या बांटेंगे? हीटर?"

हालांकि, कुछ लोगों ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि अंग वस्त्र एक पारंपरिक सम्मान की चीज़ है और इसे मौसम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मगर ऐसे कम ही लोग थे। ज़्यादातर लोगों ने इसे "असंगत और हास्यास्पद" बताया।

राजनीतिक विरोधियों का हमला:
विपक्षी दलों ने भी इस मौके को नहीं छोड़ा। राजद के एक स्थानीय नेता ने कहा,
"ये दिखाता है कि सरकार जनता की ज़रूरतों से कितनी कट चुकी है। जब पीने के पानी और बिजली की समस्या से लोग परेशान हैं, तब सरकार कंबल बांट रही है।"

मंत्री ने क्या कहा?
मीडिया के सवालों पर सुरेंद्र मेहता ने सफाई देते हुए कहा कि,
"ये कंबल नहीं, अंग वस्त्र हैं। हम हर साल स्थापना दिवस पर सम्मान के रूप में इन्हें बांटते हैं। मौसम की बात अलग है, लेकिन हमारी भावना लोगों के प्रति सम्मान की है।"

क्या है असली सवाल?
इस पूरी घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है — क्या सरकारी आयोजनों में प्रतीकात्मकता हकीकत पर भारी पड़ रही है?
जब लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं, तब क्या इस तरह की योजनाएं व्यावहारिक हैं या सिर्फ राजनीतिक स्टंट?

सत्ता के गलियारों से दूर, आम लोग बिजली-पानी की कमी से जूझ रहे हैं और नेता 'अंग वस्त्र' के नाम पर गर्मियों में कंबल थमा रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आज की राजनीति की disconnect को उजागर करती है।


 

Share :

Trending this week

दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी पर जांच के आदेश

Apr - 17 - 2026

Case Against Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul G... Read More

महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का विपक्ष को सियासी संदेश

Apr - 16 - 2026

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान प्रधानमं... Read More

रिबन काटने से CM उमर अब्दुल्ला का इनकार

Apr - 16 - 2026

श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर क... Read More