Last Updated Mar - 24 - 2025, 05:18 PM | Source : Fela News
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, डीटीसी की फ्लीट में पुरानी बसों की संख्या 44.96% तक पहुंच गई, जिससे बसों की हालत खराब हुई और ब्रेकडाउन के मामले बढ़े।
दिल्ली में बीजेपी सरकार बनने के बाद से आम आदमी पार्टी (AAP) पर लगातार हमले हो रहे हैं। विधानसभा में एक-एक कर CAG रिपोर्ट पेश की जा रही है, जिसमें AAP सरकार के दौरान अलग-अलग विभागों में गड़बड़ियों के आरोप लगाए जा रहे हैं। शराब नीति और मोहल्ला क्लीनिक पर रिपोर्ट के बाद अब दिल्ली परिवहन निगम (DTC) से जुड़ी रिपोर्ट पेश की गई है।
DTC के पास कोई बिजनेस प्लान नहीं
CAG रिपोर्ट में बताया गया कि 2021-22 में 660.37 करोड़ रुपये का कारोबार और हर दिन 15.62 लाख यात्रियों को सफर कराने के बावजूद DTC लगातार घाटे में रहा। 2015-16 से 2021-22 तक के ऑडिट में पाया गया कि DTC के पास न तो कोई बिजनेस प्लान था और न ही इसे मुनाफे में लाने के लिए कोई अध्ययन किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि DTC की बसों की संख्या कम हो गई और आधुनिकीकरण में देरी हुई। इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में भी लापरवाही हुई, जुर्माना नहीं लगाया गया। 2015-16 में 4,344 बसें थीं, जो 2022-23 में घटकर 3,937 रह गईं। जबकि फंड होने के बावजूद सिर्फ 300 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गईं। इस वजह से DTC की ऑपरेशनल क्षमता प्रभावित हुई और यह राष्ट्रीय औसत से पीछे रह गया।
DTC को 14 हजार करोड़ रुपये का घाटा
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, DTC की 44.96% बसें पुरानी हो गईं, जिससे ब्रेकडाउन बढ़ गए और बसों की उत्पादकता घट गई। खराब रूट प्लानिंग की वजह से 7 साल में DTC को 14,198.86 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। बार-बार बसें खराब होने और गलत प्लानिंग के कारण ही 668.60 करोड़ रुपये का संभावित राजस्व नुकसान हुआ।
DTC की बसें हर दिन 180 से 201 किमी ही चलीं, जबकि तय लक्ष्य 189-200 किमी था। किराया तय करने की स्वतंत्रता न होने से भी घाटा बढ़ा। 2009 से बस किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जिससे निगम की आय पर असर पड़ा।
DTC में मैनेजमेंट की गड़बड़ी
DTC के प्रबंधन और आंतरिक नियंत्रण में भी खामियां पाई गईं। स्टाफ की सही संख्या तय करने की कोई नीति नहीं थी, जिससे ड्राइवर, टेक्नीशियन जैसे जरूरी पद खाली रहे, जबकि कंडक्टरों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई।
ऑटोमेटिक फेयर सिस्टम और CCTV कैमरे लगाने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। DIMTS की क्लस्टर बसों का प्रदर्शन DTC से बेहतर रहा। सरकार से सहायता न मिलने के कारण परिचालन लागत पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था।
वित्तीय अनियमितताएं
DTC ने 225.31 करोड़ रुपये का बकाया वसूला नहीं और डिपो की जमीनों का सही इस्तेमाल भी नहीं किया गया। सर्विस टैक्स, किराया वसूली और गलत टैक्स क्रेडिट दावों की वजह से आर्थिक समस्याएं और बढ़ गईं।
दिल्ली का बजट सत्र
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है और मंगलवार को रेखा गुप्ता बजट पेश करेंगी। यह सत्र 28 मार्च तक चलेगा। CAG रिपोर्ट और बजट को देखते हुए विधानसभा में जमकर बहस होने की संभावना है।