Last Updated Oct - 17 - 2025, 06:05 PM | Source : Fela News
बिहार चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव का राजनीतिक ब्रेकअप राहुल गांधी के फोन कॉल से टल गया। कांग्रेस और राजद के बीच समय पर हुई बातचीत ने गठबंधन बचाया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी गलियारों में कई दिलचस्प खुलासे हो रहे हैं। हाल ही में सामने आया कि तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के बीच गठबंधन को लेकर सियासी तनाव बढ़ सकता था, लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के एक फोन कॉल ने इसे टाल दिया और महागठबंधन बच गया।
सूत्रों के मुताबिक, VIP नेता मुकेश सहनी के साथ तेजस्वी यादव की बैठक में कई मतभेद उभर आए थे। बताया जा रहा है कि तेजस्वी ने कुछ सीटों और रणनीति को लेकर सहनी से असहमति जताई थी, जिसके चलते गठबंधन टूटने का खतरा मंडरा रहा था। खास बात यह थी कि मुकेश सहनी ने हेलिकॉप्टर राइड के बहाने भी अपनी मजबूती और इशारे दिखाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
लेकिन इसी समय राहुल गांधी ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को संभाला। कांग्रेस के मध्यस्थता प्रयासों ने महागठबंधन को बचाया और सभी दलों ने मिलकर चुनावी रणनीति तय करने पर सहमति जताई। इस कदम को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि महागठबंधन की मजबूती में यह फोन कॉल निर्णायक साबित हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनाव में सीट बंटवारे और गठबंधन की स्थिरता काफी मायने रखती है। VIP, RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल कायम रहने से विपक्षी दलों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
महागठबंधन के सूत्रों ने बताया कि अब सभी दल मिलकर सीट शेयरिंग, प्रचार और उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट पर काम कर रहे हैं। राहुल गांधी के मध्यस्थता प्रयास ने बिहार की सियासत में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि चुनाव से पहले रणनीति और पार्टी नेताओं की समझदारी ही गठबंधन की सफलता तय करती है।