Last Updated Jan - 27 - 2026, 03:28 PM | Source : Fela News
हैदराबाद के कूकटपल्ली में प्रतिबंधित चाइना मांझे की चपेट में आकर बाइक पर जा रही मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत, फिर उठा बैन और सख्ती पर बड़ा सवाल ।
हैदराबाद के कूकटपल्ली इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर प्रतिबंधित चाइना मांझे की भयावह सच्चाई उजागर कर दी है। बाइक पर अपने पिता के साथ जा रही एक मासूम बच्ची की जान उस वक्त चली गई, जब अचानक हवा में लटका चाइना मांझा उसके गले में फंस गया। कुछ ही पलों में यह मांझा मौत का फंदा बन गया और परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं।
घटना उस समय हुई जब बच्ची अपने पिता के साथ सामान्य तरीके से सड़क पर सफर कर रही थी। अचानक एक पतंग का नायलॉन या सिंथेटिक मांझा हवा में उड़ता हुआ बाइक सवारों की ओर आया और बच्ची के गले में तेज धार के साथ लिपट गया। पिता कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। घबराए पिता ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे ने न सिर्फ परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में चाइना मांझा इंसानों, बच्चों, बाइक सवारों और पक्षियों की जान ले चुका है। इसके बावजूद यह खतरनाक मांझा आज भी चोरी-छिपे बाजारों में बिक रहा है और खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है।
चाइना मांझा साधारण सूती मांझे से कई गुना ज्यादा मजबूत और धारदार होता है। यह नायलॉन या सिंथेटिक फाइबर से बना होता है, जिस पर कांच या केमिकल कोटिंग होती है। यही वजह है कि यह गले, हाथ या शरीर के किसी भी हिस्से पर पड़ते ही गहरी चोट पहुंचा सकता है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इस मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है, तो फिर यह खुलेआम कैसे मिल रहा है। कई यूजर्स ने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।
हैदराबाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से चाइना मांझा बेचने वालों और इसका इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, हर ऐसी घटना के बाद यही सवाल उठता है कि कार्रवाई सिर्फ हादसे के बाद ही क्यों होती है।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि चाइना मांझा सिर्फ एक खेल का सामान नहीं, बल्कि एक जानलेवा हथियार बन चुका है। जब तक इसके खिलाफ ज़मीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है—और हैदराबाद की यह घटना उसी की सबसे दर्दनाक मिसाल है।
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