Header Image

CJI गवई बोले- दरगाहों में भी चढ़ावा होता है, कपिल सिब्बल की दलील पर दी प्रतिक्रिया।

CJI गवई बोले- दरगाहों में भी चढ़ावा होता है, कपिल सिब्बल की दलील पर दी प्रतिक्रिया।

Last Updated May - 20 - 2025, 01:43 PM | Source : Fela News

कपिल सिब्बल ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि 100-200 साल पुराने वक्फ के दस्तावेज अब कहां से मिलेंगे।
CJI गवई बोले- दरगाहों में भी चढ़ावा होता है
CJI गवई बोले- दरगाहों में भी चढ़ावा होता है

वक्फ संशोधन कानून, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार, 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील देते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों पर मंदिरों की तरह चढ़ावा नहीं आता। उन्होंने कहा कि मस्जिदों का प्रबंधन वक्फ से मिली आय से चलता है, ऐसे में नया कानून वक्फ की संपत्तियों को खत्म करने की कोशिश है।

इस पर मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच में शामिल जस्टिस भूषण गवई ने सिब्बल को टोकते हुए कहा, "मैं दरगाह गया हूं, वहां तो चढ़ावा चढ़ता है।" जवाब में सिब्बल ने कहा कि दरगाह और मस्जिद अलग होते हैं।

सिब्बल ने कानून के उस प्रावधान पर भी आपत्ति जताई जिसमें वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा, “100-200 साल पुराने वक्फ के दस्तावेज कहां से लाएंगे?” इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या पहले की व्यवस्था में रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं था?

सिब्बल ने जवाब दिया कि पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी तो था, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर संपत्ति को वक्फ न मानने की व्यवस्था नहीं थी। अधिकतम मुतवल्ली को हटाने का अधिकार था, लेकिन अब तो रजिस्ट्रेशन न होने पर पूरी संपत्ति को ही वक्फ नहीं माना जाएगा।

उन्होंने 'वक्फ बाय यूजर' के तहत रजिस्ट्रेशन के प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यूजर द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वक्फ की संपत्तियों के दस्तावेज जुटा पाना मुश्किल है। इस पर कोर्ट ने याद दिलाया कि 1954 के बाद से वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया था।

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने यह भी कहा कि 1904 और 1958 के पुरातत्व कानूनों में वक्फ संपत्तियों के ऐतिहासिक महत्व की स्थिति में सरकार द्वारा संरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन इससे मालिकाना हक सरकार को नहीं मिलता और धार्मिक गतिविधियों में भी कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

Share :

Trending this week

नोएडा में DM मेधा रूपम की चेतावनी

Apr - 15 - 2026

नोएडा में श्रमिकों के हालिया विरोध प्रदर्शन और हिंसक घट... Read More

फरीदाबाद में वेतन मांग पर प्रदर्शन

Apr - 15 - 2026

हरियाणा के फरीदाबाद में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग क... Read More

सम्राट चौधरी नए सीएम

Apr - 14 - 2026

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय हो गया है। सम्राट चौध... Read More