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NEET हटाओ, 12वीं अंकों से मेडिकल एडमिशन चाहते हैं सीएम विजय

NEET हटाओ, 12वीं अंकों से मेडिकल एडमिशन चाहते हैं सीएम विजय

Last Updated May - 14 - 2026, 02:42 PM | Source : Fela News

तमिलनाडु सरकार ने फिर उठाया NEET विरोध का मुद्दा. सीएम विजय बोले- यह परीक्षा ग्रामीण और गरीब छात्रों के साथ अन्याय करती है, मेडिकल दाखिला 12वीं अंकों के आधार पर होना चाहिए.
12वीं अंकों से मेडिकल एडमिशन चाहते हैं सीएम विजय
12वीं अंकों से मेडिकल एडमिशन चाहते हैं सीएम विजय

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच तमिलनाडु की नई सरकार ने फिर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मुख्यमंत्री विजय ने मेडिकल एडमिशन सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि NEET को खत्म कर राज्यों को 12वीं के अंकों के आधार पर MBBS, BDS और AYUSH कोर्स में दाखिले का अधिकार मिलना चाहिए. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था ग्रामीण, गरीब और तमिल माध्यम से पढ़े छात्रों के साथ अन्याय कर रही है.

तमिलनाडु लंबे समय से NEET का विरोध करता रहा है. राज्य का तर्क है कि यह परीक्षा अमीर, शहरी और इंग्लिश मीडियम छात्रों को फायदा पहुंचाती है, जबकि गांवों और सरकारी स्कूलों से आने वाले होनहार छात्र पीछे छूट जाते हैं. मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि एक बार फिर पेपर लीक होने से NEET की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 2024 में भी NEET पेपर लीक का मामला सामने आया था और कई राज्यों में FIR दर्ज हुई थीं. मामले की जांच CBI तक पहुंची थी. इसके बाद विशेषज्ञ समिति ने 95 सुधार सुझाव दिए थे, लेकिन इसके बावजूद दो साल के भीतर फिर पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा व्यवस्था में मौजूद बड़ी खामियों का सबूत है.

विजय ने कहा कि NEET लागू होने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों, सरकारी स्कूलों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को हुआ है. उनका मानना है कि मेडिकल एडमिशन का आधार सिर्फ एक परीक्षा नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों के लगातार शैक्षणिक प्रदर्शन को महत्व मिलना चाहिए.

तमिलनाडु सरकार पहले भी NEET छूट कानून लेकर आई थी, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पास किया था. लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिलने के बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी. राज्य का कहना है कि NEET से पहले तमिलनाडु में 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल दाखिले होते थे और इससे स्थानीय छात्रों को ज्यादा अवसर मिलते थे.

अब NEET पेपर लीक विवाद के बाद एक बार फिर देशभर में मेडिकल एडमिशन सिस्टम पर बहस तेज हो गई है. विपक्ष भी लगातार परीक्षा व्यवस्था और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है.

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