Last Updated Feb - 16 - 2026, 06:02 PM | Source : Fela News
Cri-MAC पोर्टल से बिहार पुलिस अब देशभर की एजेंसियों से सीधे जुड़ गई है। इससे अपराधियों की जानकारी रियल-टाइम में मिलेगी और जांच, गिरफ्तारी तथा निगरानी तेज होगी।
देश में बढ़ते अपराध और अंतरराज्यीय गैंग की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में Cri-MAC पोर्टल यानी Crime Multi Agency Center पुलिस के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। बिहार पुलिस के इस पोर्टल से जुड़ने के बाद अपराधियों पर शिकंजा कसना पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो गया है। पुलिस अधिकारी इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम मान रहे हैं।
Cri-MAC पोर्टल राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित एक सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य देशभर की पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अपराध से जुड़ी जानकारी को तुरंत साझा करना है। इस सिस्टम की मदद से अब किसी भी राज्य में हुए गंभीर अपराध, संदिग्ध व्यक्ति या वांछित अपराधी की जानकारी रियल-टाइम में अन्य राज्यों की पुलिस को मिल सकती है। इससे अपराधियों के लिए एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में छिपना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है।
बिहार पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इस पोर्टल के जरिए अब राज्य की पुलिस केंद्रीय एजेंसियों और देशभर के पुलिस थानों से सीधे जुड़ चुकी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अपराध से संबंधित अलर्ट, एफआईआर की जानकारी, गिरफ्तारी, जेल से रिहाई या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत साझा की जा सकती है। इससे जांच प्रक्रिया तेज होती है और अपराधियों तक पहुंचने में कम समय लगता है।
Cri-MAC पोर्टल का एक महत्वपूर्ण पहलू जीरो एफआईआर से भी जुड़ा हुआ है। नए कानूनी प्रावधान के तहत अब किसी अपराध की रिपोर्ट किसी भी थाने में दर्ज की जा सकती है, भले ही घटना उस क्षेत्र में न हुई हो। Cri-MAC सिस्टम के जरिए इस जीरो एफआईआर की जानकारी तुरंत संबंधित थाने और अन्य एजेंसियों तक पहुंच जाती है, जिससे जांच में देरी नहीं होती और कार्रवाई तेजी से शुरू हो जाती है।
यह पोर्टल Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) के सुरक्षित नेटवर्क पर आधारित है, जिससे डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। केवल अधिकृत और प्रमाणित अधिकारी ही इस सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं, जिससे संवेदनशील जानकारी के लीक होने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा, इस प्लेटफॉर्म के जरिए पुलिस एक साथ कई अधिकारियों या एजेंसियों को अलर्ट और संदेश भेज सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Cri-MAC पोर्टल की मदद से मानव तस्करी, शराब तस्करी, संगठित अपराध और अंतरराज्यीय गैंग पर नियंत्रण पाने में बड़ी सफलता मिल सकती है। कई अपराधी एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में छिप जाते हैं, लेकिन अब इस पोर्टल के जरिए उनकी पहचान और लोकेशन ट्रैक करना आसान हो गया है।
कुल मिलाकर, Cri-MAC पोर्टल पुलिस के लिए एक शक्तिशाली डिजिटल हथियार साबित हो रहा है। यह न केवल अपराध की जांच को तेज और प्रभावी बना रहा है, बल्कि देशभर की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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