Last Updated May - 30 - 2025, 11:33 AM | Source : Fela News
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक संस्थागत स्तर पर पुनर्वास नीति बनाने को कहा है, ताकि इन्हें सार्वजनिक सड़कों से धी
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करना ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि MCD, राज्य सरकार और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) मिलकर इस नीति का मसौदा तैयार करें। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं अक्सर समाचारों में सामने आती रहती हैं और अदालत में भी कई याचिकाएं दायर होती रही हैं।
न्यायमूर्ति पुष्करना ने कहा कि कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद फिर वापस सड़क पर छोड़ देना सही समाधान नहीं है क्योंकि इससे सड़कों पर लगभग 200 से ज्यादा आवारा कुत्तों के कारण गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने और पुनर्वास केंद्रों में रखने पर चर्चा करने को भी कहा है।
इस आदेश के कुछ दिन बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि सरकार आवारा कुत्तों की समस्या का दीर्घकालीन समाधान तलाश रही है। उन्होंने कहा, "मैं आवारा कुत्तों के कारण उत्पन्न समस्याओं को हल करने में लगी हूं, यह मुद्दा न केवल लोगों से जुड़ा है बल्कि इन बिना आवाज़ वाले जीवों से भी।"
यह कदम दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे जुड़े खतरे को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।