Last Updated Dec - 12 - 2025, 03:32 PM | Source : Fela News
कर्नाटक कांग्रेस में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। डीके शिवकुमार ने अचानक 50 से ज्यादा विधायकों के साथ डिनर मीटिंग की, जिसके बाद पूरे राज्य में राजनीतिक तापमान चढ़
यह डिनर ऐसे समय हुआ है जब राज्य सरकार के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व और समर्थन आधार को लेकर समय-समय पर खींचतान की खबरें आती रही हैं। इसी बीच डीके शिवकुमार का इतने बड़े ग्रुप के साथ डिनर करना एक तरह का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विशेषकर AHINDA समूह और अन्य प्रभावशाली विधायकों की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा।
डिनर के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई कि शिवकुमार अपने समर्थक विधायकों को एकजुट रखकर पार्टी नेतृत्व को ताकत का संकेत देना चाहते हैं। सरकार बनने के बाद से ही कर्नाटक कांग्रेस में दोनों धड़ों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन समय-समय पर इन बैठकों से तनाव की तस्वीर फिर उभर आती है।
सिद्धारमैया कैंप के कुछ नेता इसे सिर्फ “सामान्य मुलाकात” बता रहे हैं, जबकि विपक्ष का कहना है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अंदर ही अंदर खींचतान का शिकार है। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि सरकार स्थिर है और किसी तरह की असहमति नहीं है।
लेकिन डिनर की टाइमिंग और जुटान का पैमाना राजनीतिक संकेतों को और मजबूत करता है। कर्नाटक में कई अहम मुद्दे, जैसे कैबिनेट विस्तार, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति, अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। ऐसे में डीके शिवकुमार का यह कदम आने वाले दिनों में नई सियासी हलचल को जन्म दे सकता है।
फिलहाल कर्नाटक कांग्रेस में हर कोई इसी सवाल को लेकर बात कर रहा है कि यह सिर्फ एक ‘डिनर मिलन’ था या आने वाली शक्ति जंग का शुरुआती संकेत।