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ट्रेड डील के बाद जयशंकर- रुबियो मुलाकात, रणनीतिक सहयोग पर चर्चा।

ट्रेड डील के बाद जयशंकर- रुबियो मुलाकात, रणनीतिक सहयोग पर चर्चा।

Last Updated Feb - 04 - 2026, 11:37 AM | Source : Fela news

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तुरंत बाद वाशिंगटन में जयशंकर और मार्को रुबियो की बैठक हुई। परमाणु ऊर्जा, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन सहयोग पर विस्तृत चर्चा
ट्रेड डील के बाद जयशंकर
ट्रेड डील के बाद जयशंकर

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते के बाद कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें कीं। यह मुलाकातें ऐसे समय पर हुईं जब दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, प्रौद्योगिकी और सप्लाई चेन सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने का संकेत दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए संवाद के बाद घोषित ट्रेड डील ने द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा दी है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए राहत माना जा रहा है और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। 

वाशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान जयशंकर और रुबियो ने इस ट्रेड डील का स्वागत किया। बातचीत में विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स यानी महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और सप्लाई चेन पर सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई। यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि आधुनिक टेक्नोलॉजी, रक्षा उपकरणों, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में इन खनिजों की भूमिका बढ़ती जा रही है। 

विदेशhttps://www.felanews.in/india/sound-of-third-front-bengal-humayun-hints-support-owaisi मंत्री जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक हालात भी शामिल रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी जैसे विषय भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ हैं। 

अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से भी बयान जारी कर इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया गया । प्रवक्ता टॉमी पिगोट के अनुसार, दोनों नेताओं ने ट्रेड डील के बाद उभर रहे नए आर्थिक अवसरों और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों पर साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। रुबियो ने भी अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना समय की जरूरत है। 

जयशंकर की मुलाकात अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से भी हुई, जहां निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। यह स्पष्ट संकेत है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक नए चरण की शुरुआत है, जहां रक्षा और कूटनीति के साथ-साथ तकनीकी और आर्थिक साझेदारी को भी समान महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में संयुक्त कार्य समूहों और तंत्रों की बैठकें होने की संभावना है, जो इस साझेदारी को और ठोस बनाएंगी। 

कुल मिलाकर, ट्रेड डील के बाद हुई यह उच्चस्तरीय मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती गहराई और आपसी भरोसे का संकेत देती है। 

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