Last Updated Sep - 08 - 2025, 02:23 PM | Source : Fela News
आसमान में हुए इस नज़ारे ने देशभर के लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 7 सितंबर की रात साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पड़ा, जिसे कई जगहों से साफ तौर पर देखा गया। लालिमा लिए
ग्रहण का असर भारत समेत एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में देखा गया। भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत देर शाम हुई और यह आधी रात के बाद खत्म हुआ। खगोल विज्ञानियों के मुताबिक, यह आंशिक चंद्र ग्रहण था लेकिन ‘ब्लड मून’ के कारण इसे खास माना जा रहा है। कई शहरों से लोगों ने कैमरे में इस नजारे को कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया।
धार्मिक मान्यताओं के चलते देशभर में सूतक काल भी मान्य रहा। कई मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए और श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार पूजा-पाठ के नियमों का पालन किया।
वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्र ग्रहण के दौरान चांद का रंग लाल दिखता है क्योंकि सूरज की रोशनी पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरती है और लाल रोशनी चांद तक पहुंचती है। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
यह ग्रहण न सिर्फ खगोल प्रेमियों के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी यादगार पल बन गया।