Last Updated Feb - 19 - 2026, 03:08 PM | Source : Fela News
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले DMDK ने राजनीतिक रणनीति बदलते हुए DMK के साथ गठबंधन किया है। यह फैसला राज्य की चुनावी राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अभिनेता विजयकांत द्वारा स्थापित देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) ने अपने राजनीतिक रुख में अहम बदलाव करते हुए सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है।
यह फैसला राज्य की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे पहले DMDK ने 2024 के लोकसभा चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
DMDK का यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है। पार्टी ने पिछले कुछ चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया है। 2021 के विधानसभा चुनाव में DMDK ने अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने AIADMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनकर पांच सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी उसे सफलता नहीं मिल सकी।
लगातार चुनावी हार के बाद पार्टी के सामने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती थी। ऐसे में DMK के साथ गठबंधन करने का फैसला DMDK के लिए एक नई राजनीतिक दिशा का संकेत देता है।
DMK इस समय तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी है और राज्य में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। DMK के साथ जुड़कर DMDK को न केवल संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि चुनावी मैदान में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर भी मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गठबंधन से DMDK को अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से सक्रिय करने और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
यह गठबंधन DMK के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। DMDK का कुछ क्षेत्रों में अपना प्रभाव और समर्थक आधार है, जो चुनाव में DMK गठबंधन को अतिरिक्त समर्थन दे सकता है। तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है और चुनाव परिणामों पर इसका सीधा असर पड़ता है।
DMDK के इस फैसले ने राज्य की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर दोनों दलों के बीच विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इस गठबंधन से तमिलनाडु के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं और विपक्षी दलों के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह नया गठबंधन चुनावी मैदान में कितना प्रभावी साबित होता है और क्या DMDK इस फैसले के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन फिर से मजबूत कर पाएगी।
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