Last Updated May - 05 - 2026, 04:52 PM | Source : Fela News
तमिलनाडु में धमाकेदार जीत के बाद भी विजय बहुमत से चूक गए. अब राज्यपाल को चिट्ठी भेजकर TVK ने सरकार बनाने का दावा ठोका है और 15 दिन में नंबर जुटाने की मोहलत मांगी है.
तमिलनाडु में चुनावी नतीजों ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया है. Vijay की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अब भी दूर है. ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि आखिर विजय सरकार कैसे बनाएंगे और कौन बनेगा उनका सहारा?
सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी बहुमत नहीं
234 सीटों वाली विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. हालांकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है. इतना ही नहीं, विजय दो सीटों से जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़नी होगी. ऐसे में पार्टी का आंकड़ा और नीचे आ जाएगा और बहुमत के लिए कम से कम 11 से 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी.
राज्यपाल को पत्र, 15 दिन का वक्त मांगा
विजय ने राज्यपाल को औपचारिक पत्र भेजकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. साथ ही उन्होंने विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय भी मांगा है. इस कदम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में जोड़तोड़ तेज हो गई है.
किसके सहारे बनेगी विजय की सरकार?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि TVK समर्थन कहां से जुटाएगी. माना जा रहा है कि पार्टी छोटे दलों और निर्दलीयों से संपर्क में है. इसके अलावा M. K. Stalin की DMK और Edappadi K. Palaniswami की AIADMK के भीतर भी सेंधमारी की कोशिशें शुरू हो सकती हैं. राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के संभावित समर्थन की भी चर्चा है.
विजय के पिता ने दिया गठबंधन का संकेत
चुनाव नतीजों के बीच विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने खुलकर कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी को TVK के साथ आना चाहिए. इस बयान ने गठबंधन की अटकलों को और हवा दे दी है. यानी पर्दे के पीछे बातचीत का दौर शुरू हो चुका है.
2 हफ्तों में बदल सकती है तमिलनाडु की तस्वीर
राज्यपाल के फैसले, छोटे दलों की चाल और बड़े दलों के बागी विधायक—इन तीन चीजों पर अब तमिलनाडु की अगली सरकार टिकी है. अगर विजय 15 दिनों में समर्थन जुटाने में सफल रहे, तो राज्य में पहली बार द्रविड़ दलों से अलग नई सत्ता देखने को मिल सकती है. फिलहाल पूरा तमिलनाडु एक ही सवाल पूछ रहा है—क्या विजय सच में मुख्यमंत्री बन पाएंगे?
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