Last Updated Feb - 04 - 2026, 01:47 PM | Source : Fela News
विकास नगर में गली में गिरे व्यक्ति की मदद करने के बजाय स्कूटी सवार युवकों ने उसका मोबाइल छीना। सुबह शव मिला, पुलिस CCTV से आरोपियों की तलाश में।
पश्चिमी दिल्ली के विकास नगर इलाके में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। तड़के सुबह एक व्यक्ति गली में गिरकर तड़पता रहा, लेकिन मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाय दो स्कूटी सवार युवकों ने उसका मोबाइल उठाया और फरार हो गए। कुछ घंटों बाद वही व्यक्ति सड़क पर मृत पाया गया। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
घटना रणहौला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। शनिवार तड़के करीब चार बजे एक व्यक्ति अचानक सड़क पर गिर पड़ा। फुटेज में वह बेचैनी से तड़पता दिखाई देता है। शुरुआती अनुमान है कि उसे दिल का दौरा या मिर्गी का अटैक आया होगा, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। वे कुछ क्षण के लिए रुके, मानो स्थिति समझने की कोशिश कर रहे हों। लेकिन अगले ही पल जो हुआ, उसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए।
स्कूटी के पीछे बैठा युवक उतरा, जमीन पर पड़े व्यक्ति के पास गया और उसका मोबाइल फोन उठा लिया। वह कुछ कदम आगे बढ़ा, फिर लौटा और जेब टटोलने लगा। जब जेब से कुछ खास नहीं मिला, तो वह वापस स्कूटी पर बैठा और दोनों युवक वहां से चले गए। फुटेज में साफ दिखता है कि एक क्षण के लिए युवक की नजर सीसीटीवी कैमरे की दिशा में जाती है, जिसके बाद वे तेजी से वहां से निकल जाते हैं।
सुबह करीब आठ बजे जब इलाके के लोग अपने घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने सड़क पर एक शव पड़ा देखा। सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शरीर पर किसी तरह के मारपीट या हमले के निशान नहीं मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि मौत बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के कारण हुई हो सकती है। फिर भी, जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज अब इस मामले का सबसे अहम सबूत है। पुलिस स्कूटी सवार युवकों की पहचान के लिए आसपास के कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि उनके आने-जाने का रास्ता पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का उदाहरण भी बन गई है। अगर वही युवक तत्काल मदद के लिए कदम बढ़ाते, एम्बुलेंस बुलाते या व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन मोबाइल के लालच में उन्होंने वह मौका खो दिया, जो किसी की जिंदगी बदल सकता था।
दिल्ली जैसे महानगर में जहां हर गली-मोहल्ले में कैमरे लगे हैं और जागरूकता की बात की जाती है, वहां ऐसी घटनाएं सोचने पर मजबूर करती हैं कि आपात स्थिति में लोग मदद के बजाय स्वार्थ क्यों चुन लेते हैं। यह मामला अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक आत्ममंथन का विषय भी बन गया है।
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