Last Updated Jun - 12 - 2025, 12:43 PM | Source : Fela News
82 लोगों की मौत के दावे पर केशव प्रसाद मौर्या ने विपक्ष पर राजनीति का आरोप लगाया और महाकुंभ को “इतिहास का सबसे सुरक्षित आयोजन” बताया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने महाकुंभ में हुई मौतों को लेकर 82 की संख्या के दावे को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि विरोधी दल महाकुंभ को “मृत्युकुंभ” कहकर संगठित बयानबाज़ी कर रहे हैं, जबकि यह आयोजन “इतिहास का अब तक का सबसे सुरक्षित महाकुंभ” था ।
उनका कहना था कि यह आयोजन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बाधारहित रूप से हुआ और कहीं से भी कोई बड़ा सुरक्षा उल्लंघन दर्ज नहीं था । मौर्या ने उन सभी आरोपों को गंभीर मानसिकता की निशानी बताया जो उन्हें चुनौति देने की कोशिश कर रहे हैं ।
सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मौनी अमावस्या की रात भगदड़ के दौरान लगभग 30 लोगों की मौत हुई और 60 से अधिक घायल हुए — आंकड़ा महज अनुमान पर आधारित है, क्योंकि भीड़ नियंत्रण में प्रत्यक्ष निगरानी और डेटा संग्रह अभी जारी है । विपक्ष ने मृतकों की संख्या पर संदेह जताया और आंकड़ों की पारदर्शिता की मांग की है ।
मुख्य बिंदु:
विपक्ष की ओर से “82 मौतों” और “मृत्युकुंभ” लेबल विवाद का मुख्य केंद्र बने।
सरकार का दावा: महाकुंभ था सुरक्षित, 30 मौतें और 60 घायल (आधिकारिक स्तर पर पुष्टि)।
मौर्या ने विपक्षी बयानों को भारतीय संस्कृति के अपमान में बदलने का आरोप लगाया।