Last Updated Aug - 27 - 2025, 03:48 PM | Source : Fela News
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का सत्ता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना है, राजनीति से नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ की जन्मशताब्दी वर्ष पर दिए गए बयान में कहा कि हिंदू राष्ट्र का मतलब सत्ता हासिल करना नहीं है। उनका कहना है कि यह विचार किसी राजनीतिक लक्ष्य से जुड़ा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने से है।
भागवत ने स्पष्ट किया कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा में सभी धर्मों और समुदायों के लोग शामिल हैं। इसका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि एक ऐसा समाज बनाना है, जहां समानता और आपसी सहयोग की भावना हो। उन्होंने कहा कि सत्ता पाना या राजनीति करना संघ का लक्ष्य नहीं है, बल्कि राष्ट्र के मूल्यों और संस्कृति को मजबूत करना ही असली मकसद है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक हलकों में हिंदू राष्ट्र को लेकर बहस लगातार तेज है। भागवत के इस संदेश को बीजेपी और संघ के रिश्ते तथा आने वाले चुनावी माहौल के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।