Last Updated Feb - 06 - 2026, 04:47 PM | Source : Fela News
उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री प्रक्रिया में नया प्रावधान लागू किया है। अब बिना पैन कार्ड विवरण के रजिस्ट्री स्वीकार नहीं की जाएगी, नियम
उत्तर प्रदेश में संपत्ति लेनदेन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नए प्रावधान के तहत अब किसी भी अचल संपत्ति की रजिस्ट्री बिना पैन कार्ड विवरण के संभव नहीं होगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य संपत्ति खरीद-बिक्री में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना और बेनामी लेनदेन पर रोक लगाना है
राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार रजिस्ट्री कार्यालयों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि संपत्ति क्रेता और विक्रेता दोनों पक्षों को पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य होगा। पैन विवरण के बिना दस्तावेज पंजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार सरकार लंबे समय से संपत्ति लेनदेन में कर अनुपालन और वित्तीय निगरानी को मजबूत करने पर काम कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि पैन अनिवार्यता से बड़े नकद लेनदेन पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही आयकर विभाग के साथ डेटा समन्वय भी बेहतर हो सकेगा।
इस बीच रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने फैसले का मिश्रित प्रतिक्रिया के साथ स्वागत किया है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बाजार में वैध निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं दूसरी ओर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में प्रारंभिक स्तर पर व्यावहारिक चुनौतियां सामने आने की आशंका भी जताई जा रही है, जहां अब भी कई लेनदेन पारंपरिक तरीके से होते हैं।
प्रशासन का कहना है कि नियम लागू करने के साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्री कार्यालयों में सूचना बोर्ड, हेल्प डेस्क और ऑनलाइन गाइडलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रक्रिया समझने में सुविधा हो।
बताया जा रहा है कि भविष्य में संपत्ति लेनदेन से जुड़े अन्य डिजिटल सत्यापन प्रावधान भी चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल पैन कार्ड अनिवार्यता को राज्य में संपत्ति रजिस्ट्री प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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