Last Updated May - 09 - 2026, 12:37 PM | Source : Fela News
Delhi News: यमुना बाजार में 310 परिवारों को MCD के नोटिस के बाद हड़कंप मच गया है. आज दिल्ली कांग्रेस का डेलिगेशन मौके पर पहुंचा और लोगों को उजड़ने से बचाने का भरोसा दिया.
दिल्ली के यमुना बाजार घाट इलाके में MCD के नोटिस के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. करीब 310 परिवारों को 15 दिन के भीतर घर खाली करने का आदेश मिलने के बाद अब कांग्रेस खुलकर उनके समर्थन में उतर आई है. शुक्रवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव खुद यमुना बाजार पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया. इलाके में नोटिस के बाद डर, गुस्सा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
310 परिवारों पर बेघर होने का खतरा
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने यमुना बाजार घाट पर बसे करीब 310 परिवारों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने को कहा है. प्रशासन का कहना है कि यह इलाका यमुना के फ्लड प्लेन में आता है और यहां रहना खतरे से खाली नहीं है. नोटिस जारी होने के बाद लोगों में दहशत फैल गई है. कई परिवारों का कहना है कि वे दशकों से यहां रह रहे हैं और अचानक मिले नोटिस ने उनकी जिंदगी संकट में डाल दी है.
कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर बीजेपी सरकार और MCD पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेश का सहारा लेकर गरीब परिवारों को उजाड़ना चाहती है. यादव ने कहा कि ये लोग आजादी से पहले से यमुना बाजार इलाके में रह रहे हैं और यहीं से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों में कभी ऐसा नोटिस क्यों नहीं दिया गया और अब अचानक लोगों को हटाने की जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है.
‘रोजगार और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर’
देवेंद्र यादव ने कहा कि अगर इन परिवारों को यहां से हटाया गया तो हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित होगी. बच्चों की पढ़ाई छूट सकती है, छोटे कारोबार बंद हो सकते हैं और परिवार बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर हो जाएंगे. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में पहले भी कई बार बाढ़ आई, लेकिन तब सरकार लोगों को अस्थायी रूप से हटाकर बाद में वापस बसाती थी. इस बार स्थायी बेदखली की कोशिश की जा रही है.
‘यमुना सफाई में नाकामी छिपा रही सरकार’
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार पिछले 15 महीनों में यमुना सफाई के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है. देवेंद्र यादव ने कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकार गरीब परिवारों को निशाना बना रही है. उन्होंने दावा किया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 और NGT के आदेश का इस्तेमाल राजनीतिक तरीके से किया जा रहा है.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
देवेंद्र यादव ने साफ कहा कि दिल्ली कांग्रेस इन परिवारों को उजड़ने नहीं देगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी और सड़क पर उतरकर आंदोलन भी करेगी. कांग्रेस का कहना है कि दशकों पुराने आशियानों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे. अब इस मुद्दे ने राजधानी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है.
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